Last Updated Dec - 09 - 2025, 05:14 PM | Source : Fela News
एयर इंडिया निजी हो गई… लेकिन अलायंस एयर आज भी सरकार के साथ उड़ रही है!
एयर इंडिया के निजीकरण के बाद भी एक एयरलाइन ऐसी है जो पूरी तरह सरकार के नियंत्रण में चल रही है. देश के कई छोटे शहरों तक इसकी पहुंच आज भी जारी है।
एयर इंडिया के टाटा ग्रुप को सौंपे जाने के बाद यह माना गया था कि भारत की पूरी सरकारी एयरलाइन व्यवस्था अब इतिहास हो गई. लेकिन ऐसा नहीं है. अलायंस एयर अब भी भारत सरकार की एकमात्र परिचालित पैसेंजर एयरलाइन है, जो 60 से अधिक डेस्टिनेशन पर उड़ानें जारी रखे हुए है. यह कंपनी नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधीन काम करती है और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही है।
अलायंस एयर पहले एयर इंडिया की सहायक कंपनी थी, लेकिन निजीकरण प्रक्रिया के दौरान इसे अलग कर दिया गया ताकि घरेलू रूटों पर सरकारी स्तर पर सेवा जारी रखी जा सके. खास बात यह है कि यह एयरलाइन मुख्य रूप से छोटे शहरों और दूरदराज के इलाकों को जोड़ने का काम करती है. सरकार की UDAN स्कीम के तहत इसके कई रूट सक्रिय हैं, जिससे यात्रियों को कम कीमत पर उड़ान का विकल्प मिलता है।
हाल के दिनों में जब इंडिगो की उड़ानें लगातार रद्द होने और देरी से उड़ने की खबरों ने यात्रियों को परेशान किया, तब अलायंस एयर फिर चर्चा में आई. कई यात्रियों ने बताया कि क्षेत्रीय रूटों पर अलायंस एयर की उड़ानें अपेक्षाकृत नियमित और समय पर थीं, जबकि निजी एयरलाइंस स्टाफ की कमी और संचालन संबंधी चुनौतियों से जूझती दिखीं. इस वजह से यात्रियों का ध्यान फिर सरकारी एयरलाइन की ओर गया।
हालांकि, अलायंस एयर को भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, सीमित बेड़ा, वित्तीय दबाव और कई रूटों पर कम मांग. फिर भी सरकार का उद्देश्य इसे ऐसे ही चलाए रखना है ताकि छोटे शहरों और दूरस्थ क्षेत्रों का हवाई संपर्क टूट न जाए. यही वजह है कि इसका संचालन निजी एयरलाइंस की तुलना में अलग ढंग से किया जाता है।
फिलहाल अलायंस एयर भारत की एकमात्र एयरलाइन है जो पूरी तरह सरकारी है और एयर इंडिया की तरह निजी हाथों में नहीं गई. अब देखने की बात यह है कि आने वाले समय में सरकार इसे और विस्तार देती है या फिर परिचालन मॉडल में कुछ बदलाव करती है. यात्रियों के लिए यह एयरलाइन अभी भी एक भरोसेमंद विकल्प बनी हुई है, खासकर उन रूटों पर जहां निजी कंपनियां कम सक्रिय हैं।