Last Updated Feb - 02 - 2026, 01:02 PM | Source : Fela News
पूर्व अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से भेंट के बाद एससी एसटी एक्ट के खिलाफ सात फरवरी से अभियान शुरू करने की घोषणा की है।
पूर्व पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मुलाकात के बाद एक सार्वजनिक अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। बताया जा रहा है कि यह अभियान अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम यानी एससी एसटी एक्ट से जुड़े प्रावधानों को लेकर होगा। अलंकार अग्निहोत्री ने कहा है कि सात फरवरी से इस अभियान की औपचारिक शुरुआत की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, हाल ही में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ हुई मुलाकात के दौरान सामाजिक और कानूनी मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। इसी के बाद अलंकार अग्निहोत्री ने यह घोषणा की। उनका कहना है कि यह अभियान किसी समुदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि कानून के कथित दुरुपयोग और उससे उत्पन्न सामाजिक तनाव के मुद्दों पर जनजागरूकता फैलाने के उद्देश्य से शुरू किया जा रहा है।
अलंकार अग्निहोत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह लंबे समय से एससी एसटी एक्ट के कुछ प्रावधानों को लेकर सवाल उठा रहे हैं। उनके अनुसार, कानून का उद्देश्य कमजोर वर्गों की सुरक्षा है, लेकिन इसके क्रियान्वयन को लेकर कई बार विवाद सामने आते हैं। सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या मौजूदा व्यवस्था में संतुलन बनाए रखने के लिए व्यापक संवाद की जरूरत है।
इस बीच, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की ओर से इस अभियान को लेकर कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। हालांकि उनके निकट सूत्रों का कहना है कि सामाजिक मुद्दों पर शांतिपूर्ण और संवैधानिक दायरे में चर्चा का समर्थन किया गया है। बताया जा रहा है कि शंकराचार्य ने संवाद और वैचारिक स्पष्टता पर जोर दिया है।
वहीं दूसरी ओर, प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में इस घोषणा को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। प्रशासन का कहना है कि किसी भी प्रकार का आंदोलन या अभियान कानून के दायरे में रहकर किया जाना चाहिए और शांति व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है। स्थानीय प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि कानून व्यवस्था पर नजर रखी जाएगी।
अलंकार अग्निहोत्री ने यह भी कहा है कि अभियान के तहत देश के अलग-अलग हिस्सों में संवाद कार्यक्रम और सभाएं आयोजित की जाएंगी। फिलहाल उनके समर्थकों द्वारा इसकी रूपरेखा तैयार की जा रही है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि इस घोषणा के बाद सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर किस तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आती हैं।
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