Last Updated May - 22 - 2026, 03:18 PM | Source : Fela News
दिल्ली में बकरीद पर प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी को लेकर सख्त नियम लागू किए गए हैं. मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि गौवंश, गाय, बछड़ा और ऊंट की कुर्बानी अवैध होगी और दोषियों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाएगा.
दिल्ली सरकार ने बकरीद के मौके पर पशु कुर्बानी को लेकर बेहद सख्त और स्पष्ट नियम लागू किए हैं. कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने जानकारी देते हुए कहा कि गौवंश, गाय, बछड़ा और ऊंट जैसे प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी पूरी तरह गैरकानूनी है और इस नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाएगा. सरकार ने साफ कर दिया है कि किसी भी कीमत पर नियमों से समझौता नहीं किया जाएगा और कानून का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाएगा.
View this post on Instagram
मंत्री कपिल मिश्रा ने बताया कि बकरीद के दौरान सार्वजनिक स्थानों, सड़कों, गलियों और खुले इलाकों में किसी भी तरह की कुर्बानी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी. केवल सरकार द्वारा निर्धारित और अधिकृत स्थानों पर ही कुर्बानी की अनुमति दी जाएगी. उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए है, बल्कि पशु कल्याण और सार्वजनिक स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए भी जरूरी है.
सरकार की ओर से पशु कल्याण संबंधी कानूनों के सख्त पालन के निर्देश भी जारी किए गए हैं. इसमें स्पष्ट कहा गया है कि किसी भी तरह की अवैध पशु हत्या, अवैध कुर्बानी या प्रतिबंधित पशुओं के वध पर पूरी तरह रोक रहेगी. इसके साथ ही अवैध पशु परिवहन और पशुओं की गैरकानूनी खरीद-बिक्री पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी. ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई और विशेष निगरानी के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए हैं.
कपिल मिश्रा ने आगे कहा कि बकरीद के दौरान यह सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है कि जानवरों की भलाई और सार्वजनिक व्यवस्था दोनों का पालन हो. उन्होंने कहा कि कुर्बानी केवल उन्हीं जगहों पर होनी चाहिए जो प्रशासन द्वारा तय और अधिकृत की गई हैं. इसके अलावा कुर्बानी के बाद निकलने वाले अवशेषों का निपटान भी निर्धारित मानकों के अनुसार और पूरी तरह वैज्ञानिक तरीके से किया जाना चाहिए, ताकि किसी तरह की गंदगी या स्वास्थ्य संबंधी समस्या न पैदा हो.
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इस पूरे मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी. सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे लगातार निगरानी रखें और नियमों के उल्लंघन पर तुरंत कार्रवाई करें. साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी प्रकार की गतिविधि से आम जनता को असुविधा न हो.
सरकार ने यह संदेश भी दिया है कि जानवरों की सुरक्षा केवल कानूनी जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक और नैतिक कर्तव्य भी है, जिसका सभी को पालन करना चाहिए.
यह भी पढ़े