Last Updated Jan - 27 - 2026, 04:16 PM | Source : Fela News
बजट सत्र 2026 से पहले केंद्र सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है। संसद के कामकाज और संभावित मुद्दों पर चर्चा के लिए सरकार और विपक्ष के नेता शामिल हुए हैं।
बजट सत्र 2026 से पहले केंद्र सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक सोमवार को नई दिल्ली में शुरू हो गई है। इस बैठक का उद्देश्य आगामी संसद सत्र के दौरान उठाए जाने वाले विधायी और राजनीतिक एजेंडे पर सभी दलों से राय लेना है। सरकार की ओर से बैठक की अध्यक्षता संसदीय कार्य मंत्री कर रहे हैं, जबकि विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों के प्रतिनिधि इसमें भाग ले रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि परंपरा के अनुसार बजट सत्र से पहले संवाद के जरिए सत्र को सुचारु रूप से चलाने की कोशिश की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार बैठक में सरकार ने विपक्ष से सहयोग की अपील की है, ताकि बजट सत्र के दौरान आवश्यक विधेयकों और वित्तीय कार्यों को समय पर पूरा किया जा सके। विपक्षी दलों ने भी अपने-अपने मुद्दे सामने रखे हैं। बताया जा रहा है कि महंगाई, बेरोजगारी, किसानों से जुड़े विषय, संघीय ढांचे से जुड़े सवाल और शिक्षा से संबंधित नीतियां चर्चा के प्रमुख बिंदुओं में शामिल हैं। कुछ दलों ने हाल के सरकारी फैसलों को लेकर अपनी आपत्तियां भी दर्ज कराई हैं।
इस बीच बजट सत्र को लेकर भारतीय जनता पार्टी के भीतर भी रणनीतिक बैठकें शुरू हो गई हैं। बताया जा रहा है कि सोमवार शाम को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर बीजेपी के वरिष्ठ नेता अलग से मंथन करेंगे। इस बैठक में संसद के भीतर पार्टी की रणनीति, विपक्ष के संभावित रुख और प्रमुख विधेयकों पर चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों का कहना है कि सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि बजट सत्र के दौरान पार्टी का पक्ष स्पष्ट और संगठित रूप से रखा जाए।
वहीं दूसरी ओर विपक्षी दलों का कहना है कि सर्वदलीय बैठक औपचारिकता तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या सरकार वास्तव में विपक्ष की चिंताओं को गंभीरता से सुनेगी। कुछ नेताओं ने यह भी कहा कि अगर संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया तो संसद में टकराव की स्थिति बन सकती है।
बताया जा रहा है कि बजट सत्र के दौरान आम बजट के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण विधेयक भी पेश किए जा सकते हैं। ऐसे में सरकार और विपक्ष दोनों की कोशिश है कि सत्र की शुरुआत से पहले अपनी रणनीति स्पष्ट कर ली जाए। सर्वदलीय बैठक और बाद की राजनीतिक चर्चाओं को इसी संदर्भ में अहम माना जा रहा है।
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