Last Updated Apr - 02 - 2025, 01:43 PM | Source : Fela News
प्रधानमंत्री के नए निजी सचिव के रूप में वाराणसी की बेटी निधि तिवारी की नियुक्ति बड़ी उपलब्धि है। उनकी सफलता की कहानी प्रेरणादायक और गौरव का विषय बनी हुई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए निजी सचिव के रूप में भारतीय विदेश सेवा (IFS) की 2014 बैच की अधिकारी, निधि तिवारी, की नियुक्ति ने प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना दिया है। वाराणसी की महमूरगंज निवासी निधि की यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत करियर की ऊंचाई को दर्शाती है, बल्कि देश की युवा महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है।
वाराणसी से दिल्ली तक का सफर
निधि तिवारी का जन्म और प्रारंभिक शिक्षा वाराणसी के महमूरगंज क्षेत्र में हुई। सिविल सेवा परीक्षा 2013 में उन्होंने 96वीं रैंक हासिल की, जो उनकी मेहनत और समर्पण का प्रमाण है। इससे पहले, वे वाराणसी में सहायक आयुक्त (वाणिज्य कर) के पद पर कार्यरत थीं, जहां नौकरी के साथ-साथ उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी भी जारी रखी।
विदेश मंत्रालय से प्रधानमंत्री कार्यालय तक
सिविल सेवा में चयन के बाद, निधि ने विदेश मंत्रालय के निरस्त्रीकरण और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के प्रभाग में अपनी सेवाएं दीं। नवंबर 2022 में, उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में अवर सचिव के रूप में कार्यभार संभाला और जनवरी 2023 से उप सचिव के पद पर पदोन्नत हुईं। PMO में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने 'विदेश और सुरक्षा' विभाग में कार्य किया, जहां वे सीधे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को रिपोर्ट करती थीं।
नई जिम्मेदारियों की ओर
प्रधानमंत्री के निजी सचिव के रूप में, निधि तिवारी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। उन्हें प्रधानमंत्री के दैनिक कार्यों का प्रबंधन, विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के साथ समन्वय, विदेश नीति और सुरक्षा से जुड़े मामलों पर सलाह, और गोपनीय सूचनाओं का सुरक्षित प्रबंधन जैसी जिम्मेदारियां निभानी होंगी। उनका पूर्व अनुभव और विशेषज्ञता इन चुनौतियों का सामना करने में सहायक सिद्ध होगा।
प्रेरणा की मिसाल
निधि तिवारी की यह उपलब्धि न केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि यह दर्शाती है कि समर्पण, मेहनत और दृढ़ संकल्प से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। उनकी कहानी विशेषकर उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सिविल सेवा या प्रशासनिक क्षेत्रों में करियर बनाने का सपना देखते हैं।