Last Updated Jun - 02 - 2025, 10:50 AM | Source : Fela News
इंस्टाग्राम पोस्ट डालने पर शर्मिष्ठा पनोली गिरफ्तार हुईं। किसी ने कहा अभिव्यक्ति की आज़ादी, किसी ने बताया भावनाओं से खिलवाड़। आखिर सच क्या है? जानिए पूरा मामला।
22 वर्षीय लॉ छात्रा और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शर्मिष्ठा पनोली को कोलकाता पुलिस ने 30 मई 2025 को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया। उन पर आरोप है कि उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' पर एक विवादास्पद वीडियो साझा किया, जिसमें धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले कथित बयान शामिल थे। इस वीडियो में उन्होंने बॉलीवुड सितारों की चुप्पी पर सवाल उठाया और कुछ टिप्पणियाँ कीं, जिन्हें सांप्रदायिक तनाव भड़काने वाला माना गया। हालांकि, उन्होंने वीडियो को हटाकर माफी मांग ली थी, लेकिन तब तक यह वायरल हो चुका था।
कोलकाता पुलिस ने बताया कि शर्मिष्ठा के खिलाफ गार्डनरीच थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस के अनुसार, उन्होंने कई बार नोटिस भेजे, लेकिन जब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी करवाया गया। इसके बाद उन्हें गुरुग्राम से गिरफ्तार कर कोलकाता लाया गया और 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
इस गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर #ReleaseSharmistha ट्रेंड करने लगा। बीजेपी सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने इसे 'अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला' बताया और उनकी तत्काल रिहाई की मांग की। आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने भी इस गिरफ्तारी की आलोचना की और इसे 'चयनात्मक धर्मनिरपेक्षता' का उदाहरण बताया। इसके अलावा, डच सांसद गीर्ट वाइल्डर्स ने भी शर्मिष्ठा का समर्थन करते हुए उनकी रिहाई की मांग की।
यह मामला देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और धार्मिक संवेदनशीलता के बीच संतुलन की बहस को फिर से उजागर करता है। जहां एक ओर कुछ लोग इसे कानून के दायरे में उचित कार्रवाई मानते हैं, वहीं अन्य इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर अंकुश के रूप में देख रहे हैं। अब देखना होगा कि अदालत इस मामले में क्या निर्णय लेती है और यह बहस किस दिशा में आगे बढ़ती है।