Last Updated Oct - 13 - 2025, 01:14 PM | Source : Fela News
Ayodhya News: अयोध्या के फ्लाईओवर इस दीपोत्सव में रामकथा दिखाने के लिए सजाए जा रहे हैं। शहर के मुख्य फ्लाईओवरों पर रामायण के प्रसंग चित्रों के जरिए दर्शाए जा रह
उत्तर प्रदेश की रामनगरी अयोध्या दीपोत्सव 2025 की तैयारियों में पूरी तरह सज चुकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शहर न केवल आध्यात्मिक, बल्कि सांस्कृतिक और कलात्मक रूप से भी उभर रहा है। इस बार दीपोत्सव में फ्लाईओवर, दीवारें और सड़कें रामायण के प्रसंगों और 3D चित्रों से सजी हैं। यह नजारा स्थानीय लोगों के साथ-साथ देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन गया है।
अयोध्या के फ्लाईओवर दीपोत्सव में रामकथा दिखाने का माध्यम बन रहे हैं। अयोध्या विकास प्राधिकरण ने प्रमुख फ्लाईओवरों पर रामायण के प्रसंग जैसे राम जन्म, वनवास, रावण वध और राम-सीता मिलन को चित्रों और भित्ति चित्रों के जरिए जीवंत किया है। इनमें स्थानीय और राष्ट्रीय कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया है।
काम जोर-शोर से चल रहा है। सआदतगंज, नाका, देवकाली और साकेत पेट्रोल पंप के पास फ्लाईओवर और बाईपास की दीवारों पर थ्रीडी चित्र उकेरे जा रहे हैं। कुछ जगहों पर और काम शुरू किया गया है ताकि हर आने-जाने वाला यात्री रामकथा देख सके।
शहर की दीवारें भी रामायण के प्रसंगों से सज रही हैं। प्रमुख सड़कों, मंदिरों और सार्वजनिक स्थानों की दीवारों पर हनुमान जी का लंका दहन, राम-लक्ष्मण संवाद और सीता हरण जैसे दृश्य बनाए गए हैं। ये चित्र न केवल आंखों को सुकून देते हैं, बल्कि रामायण की सीख भी आम लोगों तक पहुंचाते हैं। कलाकारों का कहना है कि इन चित्रों में आधुनिक और पारंपरिक कला का मिश्रण किया गया है ताकि अयोध्या की सांस्कृतिक धरोहर उजागर हो।
अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अश्वनी पांडेय ने बताया कि फ्लाईओवर और सड़कों पर उकेरी गई आकृतियां दीपोत्सव को खास बना रही हैं। राम मंदिर के आसपास विशेष सजावट की गई है, जहां दीपों की रोशनी और कलात्मक चित्र मिलकर अद्भुत दृश्य बना रहे हैं। ये चित्र भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान के साथ अयोध्या की प्राचीन संस्कृति को भी दिखा रहे हैं। पर्यटक इन चित्रों को देखकर मंत्रमुग्ध हैं और सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं।
योगी सरकार ने दीपोत्सव को वैश्विक बनाने की पूरी तैयारी की है। अयोध्या की हर गली, चौराहा और कोना दीपों और रंगों से सजाया गया है। सरयू तट पर लाखों दीपों की रोशनी से दीपोत्सव और भव्य बनेगा। साथ ही लेजर शो, सांस्कृतिक कार्यक्रम और रामलीला का मंचन भी होगा। सरकार का लक्ष्य है कि दीपोत्सव सिर्फ धार्मिक आयोजन न रहकर भारत की सांस्कृतिक पहचान को दुनिया तक पहुंचाए।