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बेंगलुरु में 24 घंटे में 100 मिमी बारिश के बाद भीषण बाढ़

बेंगलुरु में 24 घंटे में 100 मिमी बारिश के बाद भीषण बाढ़

Last Updated May - 20 - 2025, 02:29 PM | Source : Fela News

मई 2025 में बेंगलुरु में 24 घंटे के भीतर 100 मिमी से अधिक बारिश हुई, जिससे शहर में गंभीर जलजमाव, यातायात जाम और जनजीवन ठप हो गया।मई 2025 में बेंगलुरु में 24 घंट
बेंगलुरु में 24 घंटे में 100 मिमी बारिश के बाद भीषण बाढ़
बेंगलुरु में 24 घंटे में 100 मिमी बारिश के बाद भीषण बाढ़

मई 2025 के मध्य में, बेंगलुरु ने 24 घंटे के भीतर 100 मिमी से अधिक बारिश का अनुभव किया, जिससे शहर के कई हिस्सों में गंभीर जलजमाव और बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई।  इस अत्यधिक वर्षा ने न केवल यातायात को बाधित किया, बल्कि कई इलाकों में घरों में पानी घुस गया, जिससे निवासियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। 

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, बेंगलुरु ने 24 घंटे की अवधि में 105.5 मिमी वर्षा दर्ज की, जो इस मौसम के लिए असामान्य रूप से अधिक है।  इस भारी बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों में जलजमाव हो गया, जिससे सड़कों पर पानी भर गया और यातायात ठप हो गया।  कई प्रमुख सड़कों और अंडरपासों को बंद करना पड़ा, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हुआ।

इस बाढ़ की स्थिति ने शहर की जल निकासी प्रणाली की कमजोरियों को उजागर किया।  कई नागरिकों और विशेषज्ञों ने बेंगलुरु की बुनियादी ढांचे की कमी पर सवाल उठाए, विशेष रूप से यह देखते हुए कि शहर को भारत की आईटी राजधानी माना जाता है।  सोशल मीडिया पर लोगों ने जलजमाव की तस्वीरें और वीडियो साझा किए, जिससे यह मुद्दा और अधिक प्रकाश में आया।

शहर प्रशासन ने आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय किया और प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य शुरू किए।  हालांकि, भारी बारिश और जलजमाव के कारण राहत कार्यों में बाधाएं आईं।  कई निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया, और आवश्यक आपूर्ति प्रदान की गई।

इस घटना ने बेंगलुरु की शहरी योजना और बुनियादी ढांचे की तैयारियों पर गंभीर प्रश्न उठाए हैं।  विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से शहरीकरण और अपर्याप्त जल निकासी प्रणाली ने इस संकट को और बढ़ा दिया।  भविष्य में ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए, शहर को अपनी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और जल निकासी प्रणाली को सुधारने की आवश्यकता है।

बेंगलुरु में इस प्रकार की बाढ़ की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं, लेकिन इस बार की स्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि तत्काल कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में और भी गंभीर संकट उत्पन्न हो सकते हैं।  शहर प्रशासन, नागरिकों और विशेषज्ञों को मिलकर इस समस्या का स्थायी समाधान खोजने की आवश्यकता है।

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