Last Updated Sep - 06 - 2025, 11:23 AM | Source : Fela News
भारत सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब धार्मिक उत्पीड़न से भागे पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के अल्पसंख्यक बिना पासपोर्ट भी भारत में रह सकेंगे। इससे हजारो
अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।
गृह मंत्रालय ने घोषणा की है कि 31 दिसंबर 2024 तक भारत में आए इन अल्पसंख्यक शरणार्थियों को पासपोर्ट या वैध दस्तावेज न होने पर भी किसी तरह की सज़ा नहीं दी जाएगी और वे देश में रह सकेंगे। यह छूट 1 सितंबर से लागू हुए ‘इमिग्रेशन और फॉरेनर्स एक्ट 2024’ के तहत दी गई है।
गृह मंत्रालय ने कहा कि जो लोग धार्मिक उत्पीड़न के डर से भारत आए हैं, उनके दस्तावेज़ समाप्त हो जाने पर भी उन्हें बाहर नहीं किया जाएगा। हालांकि, यह राहत केवल उन्हीं अल्पसंख्यकों को मिलेगी जो तय तिथि से पहले भारत आ चुके हैं।
इसके साथ ही, पिछले साल लागू हुए नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के अनुसार, 31 दिसंबर 2014 तक भारत आए इन समुदायों के लोगों को भारतीय नागरिकता दी जाएगी। वहीं, मंत्रालय ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि अवैध विदेशियों के लिए विशेष होल्डिंग सेंटर बनाए जाएं।
Jun - 12 - 2026
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