Last Updated Sep - 12 - 2025, 06:14 PM | Source : Fela News
यह मामला 2021 के किसान आंदोलन के दौरान कंगना रनौत के एक रिट्वीट से जुड़ा है। कंगना ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी याचिका वापस ले ली।
बीजेपी सांसद कंगना रनौत को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा। कोर्ट ने उनकी उस याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया, जिसमें कंगना ने 2021 के किसान आंदोलन के दौरान एक महिला प्रदर्शनकारी के खिलाफ किए गए विवादित ट्वीट से जुड़े मानहानि मामले को रद्द करने की मांग की थी। इसके बाद कंगना ने अपनी याचिका वापस ले ली।
सुनवाई के दौरान जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने कहा कि आपकी ट्वीट पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे, क्योंकि इससे ट्रायल पर असर पड़ेगा। उन्होंने बताया कि यह कोई साधारण रिट्वीट नहीं था, इसमें कंगना की अपनी टिप्पणी भी शामिल थी। कोर्ट ने पूछा कि आपने अपनी टिप्पणी में “मसाला” क्यों डाला, और इसे रद्द करने की याचिका में नहीं माना जा सकता। इसका स्पष्टीकरण निचली अदालत के लिए है।
कंगना के वकील ने कहा कि उनकी मुवक्किल ने केवल किसी और का ट्वीट रिट्वीट किया था, लेकिन असल पोस्ट करने वाले व्यक्ति को अदालत ने समन नहीं भेजा। कोर्ट ने दोहराया कि यह कोई आम रिट्वीट नहीं था और इसमें मसाला डाला गया। वकील ने बताया कि इस स्थिति में उनकी मुवक्किल पंजाब यात्रा भी नहीं कर सकती।
दरअसल, कंगना ने 2021 किसान आंदोलन के दौरान किए गए ट्वीट के कारण पंजाब में दर्ज मानहानि केस को रद्द करने की मांग की थी। यह शिकायत 73 साल की महिंदर कौर ने बठिंडा कोर्ट में दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया कि कंगना ने रिट्वीट में उनके खिलाफ मानहानि करने वाले आरोप लगाए। कंगना ने महिंदर कौर की फोटो वाले ट्वीट को रिट्वीट करते हुए लिखा था कि यह वही बिलिकिस बानो दादी हैं, जो शाहीन बाग प्रदर्शन का हिस्सा थीं।