Last Updated Mar - 10 - 2026, 11:23 AM | Source : Fela News
Delhi Excise Policy: सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने हाईकोर्ट से सीबीआई की याचिका पर जल्द सुनवाई की तारीख तय करने और अंतिम फैसला देने की अपील की। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी ने मामले में पर्याप्त सबूत जुटाए हैं।
दिल्ली हाई कोर्ट ने शराब नीति मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से जवाब मांगा है। यह नोटिस सीबीआई की उस याचिका पर जारी किया गया है, जिसमें निचली अदालत के आरोप मुक्त करने के फैसले को चुनौती दी गई है।
जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत ने इस मामले में केजरीवाल, सिसोदिया समेत 21 अन्य आरोपियों से अपना पक्ष रखने को कहा है। साथ ही हाई कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 16 मार्च की तारीख तय की है।
अदालत ने यह भी संकेत दिया कि वह निचली अदालत की ओर से सीबीआई अधिकारियों पर की गई कुछ टिप्पणियों के अमल पर रोक लगा सकती है। साथ ही प्रवर्तन निदेशालय की मनी लॉन्ड्रिंग जांच से जुड़ी कार्यवाही को भी अगली तारीख तक स्थगित करने का आदेश दिया जा सकता है।
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने हाई कोर्ट से सीबीआई की याचिका पर जल्द सुनवाई कर अंतिम फैसला देने की अपील की। उन्होंने कहा कि शराब नीति मामले में निचली अदालत का आरोप मुक्त करने का फैसला गलत था और इससे आपराधिक कानून की प्रक्रिया प्रभावित होती है।
तुषार मेहता ने अदालत में कहा कि जांच एजेंसी ने इस मामले में साजिश और रिश्वतखोरी से जुड़े कई सबूत जुटाए हैं। उनके अनुसार केजरीवाल, सिसोदिया और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सबूत और गवाह मौजूद हैं।
गौरतलब है कि निचली अदालत ने 27 फरवरी को केजरीवाल, सिसोदिया समेत 21 अन्य लोगों को आरोप मुक्त कर दिया था। अदालत ने उस समय सीबीआई की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा था कि एजेंसी का मामला न्यायिक जांच में कमजोर साबित हुआ है।
इस मामले में जिन 21 लोगों को आरोप मुक्त किया गया है, उनमें तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष के. कविता का नाम भी शामिल है। सीबीआई आम आदमी पार्टी की पिछली सरकार की शराब नीति के निर्माण और लागू करने में कथित भ्रष्टाचार की जांच कर रही है, जिसे बाद में रद्द कर दिया गया था।
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