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टीएमसी साथ था, फिर भी स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव से विपक्ष क्यों पीछे हटा?

टीएमसी साथ था, फिर भी स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव से विपक्ष क्यों पीछे हटा?

Last Updated Mar - 09 - 2026, 06:16 PM | Source : Fela News

लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव दिया था। हालांकि इस पर चर्चा कराने की जगह विपक्ष ने मध्य पूर्व में चल रहे संकट पर संसद में चर्चा कराने की मांग शुरू कर दी है।
टीएमसी साथ था, फिर भी स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव से विपक्ष क्यों पीछे हटा?
टीएमसी साथ था, फिर भी स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव से विपक्ष क्यों पीछे हटा?

बजट सत्र के दूसरे चरण का पहला दिन हंगामे के कारण ठीक से नहीं चल सका। लोकसभा की कार्यवाही बार-बार स्थगित होती रही। विपक्ष ने पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर सरकार को घेरने की तैयारी की थी। कांग्रेस की बैठक में भी इस मुद्दे पर चर्चा और जरूरत पड़ने पर मतदान कराने की बात हुई थी। तृणमूल कांग्रेस ने भी प्रस्ताव का समर्थन करने और मतदान में विपक्ष के साथ रहने की बात कही थी।

हालांकि सुबह इंडिया गठबंधन की बैठक में रणनीति बदल दी गई। बैठक में राहुल गांधी, अखिलेश यादव समेत कई नेताओं ने हिस्सा लिया। नेताओं का कहना था कि खाड़ी देशों में बन रहे हालात ज्यादा गंभीर हैं, इसलिए संसद में पहले इसी मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए। साथ ही यह भी माना गया कि अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान हुआ तो संख्या सरकार के पक्ष में है और विपक्ष को हार का सामना करना पड़ सकता है।

कांग्रेस पर केरल के सांसदों का भी दबाव था। उनका कहना था कि खाड़ी देशों में संकट का सीधा असर केरल पर पड़ेगा, क्योंकि वहां करीब 25 लाख लोग काम करते हैं। इसके अलावा लगभग एक करोड़ भारतीय खाड़ी देशों में रहते हैं, इसलिए यह मुद्दा ज्यादा बड़ा और महत्वपूर्ण है। इसी वजह से विपक्ष ने फिलहाल स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के मुद्दे को पीछे रखने का फैसला किया।

बाद में विपक्ष ने विदेश मंत्री के बयान के बाद पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा की मांग की। हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही बार-बार रुकी और अंत में पूरे दिन के लिए स्थगित करनी पड़ी। राहुल गांधी ने कहा कि पश्चिम एशिया के हालात से भारत की अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान हो सकता है। तेल की कीमतें और बाजार पर इसका असर पड़ सकता है, इसलिए इस मुद्दे पर चर्चा जरूरी है।

संसद परिसर में विपक्षी सांसदों ने प्रदर्शन भी किया। उनके बैनर पर लिखा था कि मध्य पूर्व में हालात खराब हैं, भारतीय वहां फंसे हैं और तेल को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

उधर सरकार की ओर से भी बैठकों का दौर चला। विदेश मंत्री की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और सेनाओं के प्रमुख के साथ बैठक हुई। वहीं वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्हें असफल नेता प्रतिपक्ष बताया। अनुराग ठाकुर ने भी कहा कि विपक्ष खुद अविश्वास प्रस्ताव लाया, लेकिन अब चर्चा से बच रहा है।

हालांकि माना जा रहा है कि मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है। इसकी शुरुआत संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू कर सकते हैं, जबकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी बहस में हिस्सा ले सकते हैं।

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