Last Updated Jun - 08 - 2026, 03:59 PM | Source : Fela News
INDIA गठबंधन की बैठक में खरगे का मोदी सरकार पर बड़ा हमला, कहा- देश राजनीतिक, आर्थिक और विदेश नीति की गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है, विपक्ष को एकजुट होकर लड़ाई तेज करनी होगी।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद विपक्षी राजनीति में नई हलचल देखने को मिली है। सोमवार को दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में INDIA गठबंधन की अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल और शिवसेना (उद्धव गुट) समेत 23 दलों के शीर्ष नेता शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य बीजेपी के खिलाफ साझा रणनीति तैयार करना और आगामी चुनावों को लेकर विपक्षी एकजुटता को मजबूत करना रहा।
सोनिया, राहुल, ममता और अखिलेश समेत कई दिग्गज पहुंचे
बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे मौजूद रहे। वहीं तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, शिवसेना (उद्धव गुट) प्रमुख उद्धव ठाकरे, सुप्रिया सुले, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती सहित कई बड़े विपक्षी चेहरे शामिल हुए।
खरगे का मोदी सरकार पर तीखा हमला
बैठक की शुरुआत करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और विदेश नीति से जुड़ी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। खरगे ने आरोप लगाया कि जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है, संविधान पर लगातार हमला हो रहा है और महंगाई तथा बेरोजगारी ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
उन्होंने कहा कि युवाओं का भविष्य दांव पर लगा है, परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियां बढ़ रही हैं और गैर-बीजेपी शासित राज्यों के साथ भेदभाव किया जा रहा है।
अखिलेश बोले- लोकतंत्र बचाने के लिए एकजुटता जरूरी
बैठक में पहुंचने से पहले समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए विपक्ष का एकजुट होना जरूरी है। उन्होंने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए।
शरद पवार ने DMK की गैरमौजूदगी पर जताई चिंता
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के प्रमुख शरद पवार बैठक में शामिल नहीं हुए, लेकिन उनकी जगह सांसद सुप्रिया सुले मौजूद रहीं। पवार ने कहा कि विपक्षी दलों को साथ लेकर चलना जरूरी है और DMK का बैठक में शामिल न होना चिंता का विषय है।
राहुल गांधी पर पोस्टर वार
बैठक से पहले दिल्ली में राहुल गांधी और कांग्रेस को निशाना बनाते हुए कई पोस्टर लगाए गए। इन पोस्टरों में विपक्षी नेताओं के पुराने बयान दिखाकर INDIA गठबंधन की एकजुटता पर सवाल उठाने की कोशिश की गई।
DMK और AAP ने बनाई दूरी
जहां एक तरफ विपक्षी दलों ने एकजुटता दिखाने की कोशिश की, वहीं DMK और आम आदमी पार्टी इस बैठक से दूर रहीं। बताया जा रहा है कि तमिलनाडु की राजनीति और गठबंधन के भीतर मतभेदों की वजह से DMK ने दूरी बनाई, जबकि AAP पहले ही सार्वजनिक तौर पर INDIA गठबंधन से अलग रुख अपना चुकी है।
2029 की तैयारी का संकेत
जून 2024 के बाद INDIA गठबंधन की यह सबसे महत्वपूर्ण बैठक मानी जा रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पश्चिम बंगाल में हालिया राजनीतिक घटनाक्रम और आगामी राज्यों के चुनावों को देखते हुए विपक्ष अब 2029 लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट गया है। बैठक में मोदी सरकार के खिलाफ साझा एजेंडा और संयुक्त अभियान पर भी चर्चा हुई।
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