Last Updated Oct - 07 - 2025, 12:39 PM | Source : Fela News
Bihar Elections 2025: इस बार बिहार चुनाव INDIA और NDA के बीच है. INDIA गठबंधन के कुछ ताकतवर फायदे, बीजेपी की अगुवाई वाली NDA के लिए मुश्किलें बढ़ा सकते हैं.
बिहार विधानसभा चुनाव में अब NDA और INDIA गठबंधन के बीच सीधा मुकाबला तय हो गया है। RJD और कांग्रेस के नेतृत्व वाला ‘इंडिया’ गठबंधन सत्ता में वापसी के लिए पूरी ताकत लगा रहा है।
RJD की सबसे बड़ी ताकत उसका मुस्लिम-यादव वोट बैंक है, जो राज्य के कुल मतदाताओं का करीब 30 प्रतिशत है। यह परंपरागत वोट बैंक दशकों से पार्टी के साथ खड़ा रहा है। लालू प्रसाद यादव के पीछे हटने के बाद पार्टी की बागडोर उनके बेटे तेजस्वी यादव को मिली है।
तेजस्वी यादव ने बेरोजगारी, पलायन और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों को केंद्र में रखकर युवाओं में अपनी अलग पहचान बनाई है। राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ ने कांग्रेस को भी नया जोश दिया है और गठबंधन के कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया है।
हालांकि, RJD अब भी परिवार-नियंत्रित पार्टी मानी जाती है। तेजस्वी यादव के भाई और परिवार के विवादित बयानों ने कई बार पार्टी की एकजुटता को चुनौती दी है। ‘जमीन के बदले नौकरी’ घोटाले से जुड़े मामलों की ईडी जांच ने भी पार्टी की छवि पर असर डाला है।
फायदा RJD को कैसे हो सकता है?
तेजस्वी के नेतृत्व में गठबंधन अपने पुराने छवि को बदलने का अवसर पा सकता है। बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था और पलायन जैसे मुद्दों पर उनकी लगातार आवाज जनता में उन्हें युवाओं का नेता बनाती है। दो साल पहले हुए जातीय सर्वेक्षण से पिछड़े और वंचित वर्गों के लिए आरक्षण बढ़ोतरी का लाभ भी RJD उठा सकती है।
INDIA गठबंधन के सामने चुनौतियां भी हैं। लंबे समय से सत्ता से बाहर रहने के कारण RJD-कांग्रेस गठबंधन को महत्वाकांक्षी नेताओं के बीच सामंजस्य बनाए रखना मुश्किल हो सकता है। सीट बंटवारे और नेतृत्व संतुलन को लेकर मतभेद चुनाव से पहले असंतोष पैदा कर सकते हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि एनडीए ‘विकास और स्थिर शासन’ पर जोर दे रहा है, जबकि INDIA गठबंधन ‘सामाजिक न्याय, रोजगार और समानता’ को लेकर जनता के बीच जा रहा है। जातीय संतुलन और युवा मतदाताओं की भूमिका इस बार चुनाव में निर्णायक साबित हो सकती है।