Last Updated Apr - 14 - 2026, 03:37 PM | Source : Fela News
बिहार में बड़ा बदलाव, सम्राट चौधरी होंगे नए मुख्यमंत्री 15 अप्रैल सुबह 11 बजे शपथ, दो डिप्टी सीएम भी लेंगे पद, नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद खाली हुआ पद
बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव तय हो गया है। सम्राट चौधरी को राज्य का नया मुख्यमंत्री चुना गया है और उनके नाम पर आधिकारिक मुहर लग चुकी है। वहीं, नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को डिप्टी सीएम बनाए जाने की चर्चा तेज है। उनके साथ विजय चौधरी भी उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं।
नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे लोकभवन में आयोजित होगा, जहां सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे और दो डिप्टी सीएम भी उनके साथ पद संभालेंगे। समारोह को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं और राज्यपाल के सचिव ने खुद सम्राट चौधरी से मुलाकात कर कार्यक्रम की रूपरेखा और अतिथियों को लेकर चर्चा की है।
दरअसल, नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बिहार में मुख्यमंत्री पद खाली हो गया था। पिछले कई दिनों से नए मुख्यमंत्री को लेकर सियासी अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन आखिरकार पार्टी नेतृत्व ने सम्राट चौधरी के नाम पर सहमति बना ली।
राजनीतिक विरासत और सफर
16 नवंबर 1968 को जन्मे सम्राट चौधरी एक राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके पिता शकुनी चौधरी राज्य के जाने-माने समाजवादी नेता रहे हैं और कभी लालू प्रसाद यादव के करीबी माने जाते थे। बाद में उन्होंने अपनी राजनीतिक दिशा बदलते हुए नीतीश कुमार का साथ दिया।
सम्राट चौधरी ने भी अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से की थी। दिलचस्प बात यह है कि आज जिन नेताओं का वह विरोध करते हैं, उन्हीं के साथ उन्होंने राजनीति के शुरुआती गुर सीखे। बाद में वह जनता दल यूनाइटेड (JDU) में गए और फिर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होकर अपनी अलग पहचान बनाई।
24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ
सम्राट चौधरी बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। खास बात यह है कि वह उन चुनिंदा नेताओं में शामिल हो गए हैं, जो पहले डिप्टी सीएम रहे और अब मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड सिर्फ कर्पूरी ठाकुर के नाम था।
सम्राट चौधरी का यह सफर मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक पहुंचने का है, जिसमें उन्होंने कई राजनीतिक चुनौतियों को पार किया। अब उनके सामने बिहार की सत्ता संभालने और राज्य को नई दिशा देने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
कुल मिलाकर, बिहार में सत्ता परिवर्तन के साथ नई राजनीतिक पारी की शुरुआत होने जा रही है, जिस पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।
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