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अंबरनाथ में कांग्रेस को झटका, 12 पार्षदों का बीजेपी में पलायन

अंबरनाथ में कांग्रेस को झटका, 12 पार्षदों का बीजेपी में पलायन

Last Updated Jan - 08 - 2026, 12:16 PM | Source : Fela News

महाराष्ट्र के अंबरनाथ में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के 12 नवनिर्वाचित पार्षदों ने बीजेपी का दामन थाम लिया, सियासत गरमा गई।
अंबरनाथ में कांग्रेस को झटका
अंबरनाथ में कांग्रेस को झटका

महाराष्ट्र की स्थानीय राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला है। ठाणे जिले के अंबरनाथ नगर परिषद में कांग्रेस को करारा झटका लगा है, जहां पार्टी के सभी 12 नवनिर्वाचित पार्षदों ने एक साथ भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। इस घटनाक्रम ने न सिर्फ स्थानीय राजनीति को हिला दिया है, बल्कि राज्य की सियासत में भी नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

अंबरनाथ नगर परिषद के चुनाव नतीजों के बाद से ही यहां राजनीतिक समीकरण लगातार बदलते नजर आ रहे थे। चुनाव के तुरंत बाद कांग्रेस के इन पार्षदों पर आरोप लगा था कि उन्होंने पार्टी लाइन से हटकर बीजेपी के साथ हाथ मिलाया है। इसी के चलते Indian National Congress ने इन सभी 12 पार्षदों को निलंबित कर दिया था। अब इन पार्षदों ने औपचारिक रूप से Bharatiya Janata Party में शामिल होने की घोषणा कर दी है।

यह पूरा घटनाक्रम Ambernath नगर परिषद के भीतर सत्ता संतुलन को पूरी तरह बदल सकता है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के भीतर लंबे समय से असंतोष चल रहा था। पार्षदों का कहना है कि चुनाव जीतने के बाद भी उन्हें पार्टी संगठन से अपेक्षित सहयोग और दिशा नहीं मिली, जिससे वे खुद को अलग-थलग महसूस कर रहे थे।

बीजेपी में शामिल होने के बाद पार्षदों ने दावा किया कि वे क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता देना चाहते हैं और इसके लिए मजबूत नेतृत्व की जरूरत है। उनका कहना है कि भाजपा के साथ जुड़कर वे अंबरनाथ के विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ा पाएंगे। वहीं, भाजपा नेताओं ने इसे जनता के विश्वास और पार्टी की नीतियों की जीत बताया है।

दूसरी ओर, कांग्रेस ने इस घटनाक्रम को "राजनीतिक अवसरवाद” करार दिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि इन पार्षदों ने जनता के जनादेश का अपमान किया है और सत्ता के लालच में दल-बदल किया है। कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि वह इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाएगी और आगे की रणनीति तय करेगी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम सिर्फ नगर परिषद तक सीमित नहीं रहेगा। अंबरनाथ में कांग्रेस के सभी पार्षदों का एक साथ बीजेपी में जाना राज्य की राजनीति में पार्टी की संगठनात्मक मजबूती और कमजोरियों दोनों को उजागर करता है। आने वाले दिनों में इसका असर अन्य स्थानीय निकायों और राजनीतिक गठबंधनों पर भी पड़ सकता है।

कुल मिलाकर, अंबरनाथ में हुआ यह “खेला" महाराष्ट्र की राजनीति में एक अहम मोड़ माना जा रहा है। अब देखना होगा कि इस दल-बदल के बाद नगर परिषद की सत्ता संरचना किस दिशा में जाती है और कांग्रेस इस झटके से कैसे उबरती है। 

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