Last Updated Jan - 30 - 2026, 04:09 PM | Source : Fela News
जुकाम के इलाज के दौरान इंजेक्शन लगाए जाने के बाद साध्वी की मौत हुई। घटना के बाद संत समाज में नाराजगी है और पुलिस जांच आगे बढ़ा रही है।
राजस्थान के जोधपुर से सामने आए साध्वी की मौत के मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि साध्वी को जुकाम की शिकायत थी, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए एक इंजेक्शन लगाया गया। इंजेक्शन लगने के कुछ ही समय बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और करीब 30 सेकंड के भीतर उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे मामले को लेकर रहस्य गहराता जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, साध्वी प्रेम बाईसा एक आश्रम में रह रही थीं और लंबे समय से धार्मिक गतिविधियों से जुड़ी थीं। जुकाम की सामान्य शिकायत के चलते उन्हें चिकित्सकीय सहायता दी गई थी। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि इंजेक्शन किसी निजी स्तर पर लगाया गया था। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इंजेक्शन कौन सा था और उसे किसने लगाया।
इस बीच, घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रशासन का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और मेडिकल जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इंजेक्शन की डोज सही थी या नहीं और कहीं इसमें लापरवाही तो नहीं बरती गई।
वहीं दूसरी ओर, साध्वी की मौत के बाद संत समाज में नाराजगी देखी जा रही है। कुछ संतों ने इसे संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि साध्वी पूरी तरह स्वस्थ थीं और मामूली बीमारी में इस तरह की मौत कई सवाल खड़े करती है। इसे लेकर आश्रम परिसर और आसपास के इलाकों में भी चर्चा का माहौल बना हुआ है।
बताया जा रहा है कि पुलिस ने संबंधित लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है और इंजेक्शन से जुड़ी दवाओं के सैंपल भी जुटाए जा रहे हैं। कॉल डिटेल्स और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इलाज की प्रक्रिया में क्या-क्या हुआ।
फिलहाल, साध्वी की मौत को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। जांच एजेंसियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह मामला चिकित्सकीय लापरवाही का है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है।
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