Last Updated Jun - 04 - 2025, 11:24 AM | Source : Fela News
सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने ऑपरेशन सिंदूर पर कहा—हर युद्ध में कुछ खोते हैं, कुछ पाते हैं, लेकिन फोकस हमेशा जीत पर होना चाहिए, नुकसान पर नहीं। यही सैन्य सिद्धांत ह
भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान हुए नुकसान को लेकर पाकिस्तान की आलोचना का जवाब देते हुए कहा कि किसी भी सैन्य अभियान में सबसे महत्वपूर्ण उसका परिणाम होता है, न कि उसमें हुए नुकसान।
पुणे विश्वविद्यालय में एक कार्यक्रम के दौरान जनरल चौहान ने कहा, "कोई टीम किस तरह से मैच जीतती है, ये महत्वपूर्ण है। टीम जब जीत जाती है, तो कोई सवाल नहीं उठाता कि कितने विकेट गिरे।" उन्होंने स्पष्ट किया कि पेशेवर सैन्य बलों पर नुकसान का कोई असर नहीं पड़ता है।
जनरल चौहान ने बताया कि पाकिस्तान ने 48 घंटे तक चलने वाले एक बड़े सैन्य अभियान की योजना बनाई थी, लेकिन भारत ने मात्र 8 घंटे में ही उसे विफल कर दिया। उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद और परमाणु हमले की धमकी के साये में रहकर जीने वाला नहीं है।
उन्होंने यह भी बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत की काउंटर ड्रोन प्रणाली ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे पाकिस्तान की कमजोर ड्रोन प्रणाली बेअसर हो गई। इससे भारत की रक्षा प्रणाली और अधिक मजबूत हुई है।
सीडीएस ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर पर भी आरोप लगाया कि उन्होंने पहलगाम हमले से कुछ सप्ताह पहले भारत और हिंदुओं के खिलाफ भड़काऊ बयान दिए थे, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ा।
जनरल चौहान ने यह भी कहा कि आधुनिक युद्ध अब रेखीय नहीं रहे, बल्कि नेटवर्क आधारित, भ्रामक और स्वदेशी क्षमताओं पर आधारित हो गए हैं। उन्होंने भारत की आत्मनिर्भरता और तकनीकी एकीकरण पर जोर दिया।
इस प्रकार, सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुए नुकसान की तुलना में उसकी सफलता और आतंकवाद के खिलाफ भारत की निर्णायक कार्रवाई अधिक महत्वपूर्ण है।