Last Updated Jun - 09 - 2025, 11:02 AM | Source : Fela News
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने बड़े मूल्य के नोटों को बंद करने और डिजिटल लेन‑देन को बढ़ावा देने की केंद्र से मांग की है।
तेलुगु देशम पार्टी की ‘महानाडु सभा’ में चंद्रबाबू नायडू ने केंद्र सरकार से अपील की कि ₹500, ₹1,000 और ₹2,000 के नोटों को चलन से बाहर कर के देश को पूरी तरह डिजिटल करेंसी की ओर ले जाया जाए । उनका मानना है कि इस कदम से नकद आधारित भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और सभी आर्थिक लेन‑देन पारदर्शी रूप से दर्ज होंगे ।
नायडू ने उदाहरण देते हुए कहा कि पार्टी चंदा अब क्यूआर कोड से डिजिटल रूप से ले रही है। इससे नकद लेन‑देन की आवश्यकता शांत हो रही है और राजनीतिक दान में भी पारदर्शिता बढ़ रही है । उन्होंने कहा कि डिजिटल मुद्राओं के प्रयोग से भ्रष्टाचार के स्रोत आसानी से ट्रैक हो सकते हैं ।
यह पहला मौका नहीं है जब उन्होंने यह प्रस्ताव रखा हो। 2016 में नोटबंदी के बाद भी नायडू ने प्रधानमंत्री को डिजिटल करेंसी की रिपोर्ट दी थी, जिसमें बड़े नोटों की छपाई बंद करने की सलाह थी । सरकार और रिज़र्व बैंक ने हाल में clarified किया है कि फिलहाल ₹500 या अन्य नोटों को बंद करने की कोई योजना नहीं है । लेकिन नायडू का कहना है कि इस दिशा में स्पष्ट और ईमानदार नीति बनी रहनी चाहिए, ताकि काले धन रोकें और आर्थिक पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके
मुख्य बिंदु:
करोड़पति चंद्रबाबू नायडू ने बड़े मूल्यवर्ग के नोटों को बंद करने की केंद्र से मांग की।
डिजिटल लेन‑देन को बढ़ावा देने के लिए क्यूआर कोड चंदा का उदाहरण दिया।
उन्होंने दोबारा इस मुद्दे को उठाया, यह 2016 की नोटबंदी के पहले दिए गए सुझाव का नवीनीकरण है।
सरकार एवं RBI ने कहा हाल में कोई बंदी की योजना नहीं, लेकिन नायडू का मानना है कि समयानुकूल कदम उठाया जाना चाहिए।
नोटबंदी और डिजिटल मुद्रा के इस प्रस्ताव से देश के वित्तीय ढांचे में पारदर्शिता, भ्रष्टाचार नियंत्रण और नकदी पर निर्भरता को लेकर नई बहस फिर से शुरू हो गई है।
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