Last Updated Oct - 08 - 2025, 11:32 AM | Source : Fela News
CJI BR Gavai: CJI गवई ने कहा कि जजों की सामान्य बातें भी सोशल मीडिया पर तोड़-मरोड़कर दिखाई जाती हैं.
CJI बी.आर. गवई ने मंगलवार (7 अक्टूबर) को अदालत में चिंता जताई कि जजों की आम टिप्पणियों को सोशल मीडिया पर तोड़-मरोड़कर पेश किया जाता है। यह बयान उन्होंने उस घटना के एक दिन बाद दिया, जब एक वकील ने उन पर जूता फेंकने की कोशिश की थी।
वकील का कहना था कि वह खजुराहो में विष्णु की मूर्ति दोबारा स्थापित करने से जुड़ी एक याचिका पर सीजेआई की पिछली टिप्पणी से नाराज था। इस घटना की खूब निंदा हुई थी।
गवई ने हल्के अंदाज में बताया कि उन्होंने अपने साथी जज के. विनोद चंद्रन को पिछली सुनवाई में सार्वजनिक टिप्पणी करने से रोका था, ताकि उनकी बात सोशल मीडिया पर गलत तरह से न फैलाई जाए।
उन्होंने कहा, “मैंने अपने साथी जज से कहा कि अपनी बात सिर्फ मेरे कानों तक रखें, वरना सोशल मीडिया पर कुछ भी रिपोर्ट हो सकता है।”
CJI गवई और जस्टिस चंद्रन की बेंच न्यायाधीशों की सेवा शर्तों, वेतन और पदोन्नति से जुड़ी याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसे अब संविधान पीठ को भेज दिया गया है।
सीजेआई गवई की अगुवाई वाली बेंच ने खजुराहो के जावरी मंदिर में भगवान विष्णु की मूर्ति को दोबारा स्थापित करने की मांग वाली याचिका को भी खारिज कर दिया।
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