Last Updated Mar - 10 - 2026, 06:11 PM | Source : Fela News
सुप्रीम कोर्ट ने SIR मामले की सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग, ममता सरकार और याचिकाकर्ताओं को कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने हटाए गए वोटरों का सत्यापन कर रहे न्यायिक अधिकारियों पर शक जताने को लेकर सख्त नाराजगी भी जताई।
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को SIR मामले की सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग, पश्चिम बंगाल की ममता सरकार और याचिकाकर्ताओं को कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने हटाए गए वोटरों के सत्यापन के लिए नियुक्त न्यायिक अधिकारियों पर सवाल उठाने को लेकर सख्त नाराजगी जताई।
सुनवाई के दौरान पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील मेनका गुरुस्वामी ने बताया कि करीब 7 लाख दावों का निपटारा किया जा चुका है। पहले कुल 63 लाख दावे लंबित थे, जिनमें से अब लगभग 57 लाख मामले अभी भी बाकी हैं।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि जिन वोटरों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए थे, उनकी अपीलों पर सुनवाई कर रहे न्यायिक अधिकारी पहले से ही ओवरटाइम काम कर रहे हैं। ऐसे में उनके काम पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने याचिकाकर्ताओं को फटकार लगाते हुए कहा कि न्यायिक अधिकारियों पर शक जताना स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ये अधिकारी हटाए गए वोटरों के मामलों की सुनवाई के लिए अतिरिक्त समय तक काम कर रहे हैं और उनके प्रयासों को कम नहीं आंका जाना चाहिए।
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