Last Updated Feb - 14 - 2026, 10:18 AM | Source : Fela News
केरल विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने प्रचार समिति का गठन किया है। शशि थरूर को अहम भूमिका देकर पार्टी ने सत्ता में वापसी की रणनीति तेज कर दी।
केरल विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और कांग्रेस ने सत्ता में वापसी के लक्ष्य के साथ अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी दिशा में पार्टी ने राज्य के लिए प्रचार समिति ( कैंपेन कमेटी) का गठन किया है और वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला को इसका अध्यक्ष बनाया है। इस समिति में कांग्रेस सांसद शशि थरूर को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है, जिसे पार्टी के भीतर उनके बढ़ते महत्व और भरोसे का संकेत माना जा रहा है।
कांग्रेस द्वारा जारी सूची के अनुसार, प्रचार समिति राज्यभर में चुनाव अभियान की रणनीति तैयार करेगी और उसे जमीन पर लागू करेगी। रमेश चेन्निथला जहां समिति का नेतृत्व करेंगे, वहीं शशि थरूर को सह-प्रमुख के तौर पर अहम भूमिका निभाने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा समिति में कई प्रमुख नेताओं को भी शामिल किया गया है, जो चुनाव प्रचार को मजबूत बनाने में सहयोग करेंगे।
शशि थरूर को यह जिम्मेदारी मिलना इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि हाल के दिनों में पार्टी और उनके बीच मतभेद की खबरें सामने आई थीं। हालांकि, कांग्रेस आलाकमान के साथ उनकी हालिया मुलाकात के बाद इन अटकलों पर विराम लग गया। अब उन्हें चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी देकर कांग्रेस ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि पार्टी उन्हें केरल की राजनीति में एक अहम चेहरा मानती है।
कांग्रेस के लिए केरल चुनाव बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि पार्टी पिछले करीब दस वर्षों से राज्य में विपक्ष की भूमिका निभा रही है। राज्य में फिलहाल वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) की सरकार है और कांग्रेस के नेतृत्व वाला संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) सत्ता से बाहर है। ऐसे में कांग्रेस इस बार पूरी ताकत के साथ चुनाव मैदान में उतरकर सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शशि थरूर की लोकप्रियता और उनकी साफ-सुथरी छवि कांग्रेस के लिए बड़ा फायदा साबित हो सकती है। थरूर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान रखते हैं और युवा तथा शहरी मतदाताओं के बीच उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। पार्टी को उम्मीद है कि उनकी सक्रिय भूमिका से चुनाव प्रचार को नई ऊर्जा मिलेगी।
हालांकि, इस समय शशि थरूर स्वास्थ्य कारणों से थोड़ी परेशानी का सामना कर रहे हैं। हाल ही में संसद परिसर में फिसलने के कारण उनके पैर में चोट लग गई थी और वे कुछ समय से व्हीलचेयर का उपयोग कर रहे हैं। बावजूद इसके, पार्टी नेताओं का कहना है कि थरूर जल्द ही पूरी तरह स्वस्थ होकर चुनाव प्रचार में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
कांग्रेस ने प्रचार समिति के साथ-साथ घोषणापत्र समिति का भी गठन किया है, जो जनता से जुड़े मुद्दों को ध्यान में रखते हुए चुनावी वादों का खाका तैयार करेगी। पार्टी का फोकस रोजगार, विकास, बुनियादी सुविधाओं और सामाजिक कल्याण जैसे मुद्दों पर रहेगा।
कुल मिलाकर, कांग्रेस ने केरल चुनाव को लेकर अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है और प्रमुख नेताओं को जिम्मेदारी देकर चुनावी तैयारी को गति दी है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी की यह रणनीति चुनावी नतीजों में कितनी सफल साबित होती है और क्या कांग्रेस एक बार फिर केरल की सत्ता में वापसी कर पाती है।
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