Last Updated Nov - 20 - 2025, 04:19 PM | Source : Fela News
इंडोनेशिया का ब्रह्मोस सौदा दक्षिण चीन सागर तनाव amid एशियाई भू-राजनीतिक शक्ति संतुलन को नया मोड़ देता है।
भारत से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल खरीदने जा रहा इंडोनेशिया, दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम बहुल देश—और इस सौदे ने कई देशों की पेशानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ब्रह्मोस जैसी हथियार प्रणाली को खरीदना सिर्फ रक्षा सुदृढ़ करने की बात नहीं, बल्कि किसी अनकहे तनाव की दिशा भी दिखाता है।
इंडोनेशिया लंबे समय से दक्षिण चीन सागर में बढ़ते दबाव को लेकर सतर्क रहा है। नैटुना आइलैंड्स के पास चीन की दावेदारियां उसके लिए परेशानी का बड़ा कारण बन चुकी हैं। ऐसे में ब्रह्मोस का चयन कहीं न कहीं एक मजबूत संदेश देता है, कि इंडोनेशिया अब अपने आस-पास की आक्रामक गतिविधियों पर सिर्फ कूटनीति से भरोसा नहीं करने वाला।
भारत के लिए यह सौदा सामरिक और रणनीतिक दोनों दृष्टि से अहम है। ब्रह्मोस मिसाइल की रेंज, स्पीड और सटीकता ने इसे एशिया का सबसे विश्वसनीय हथियार बना दिया है। इंडोनेशिया द्वारा इसे अपनाना इसके प्रभाव और भरोसे की पुष्टि भी है।
लेकिन असली सवाल यह है कि इंडोनेशिया की इस अचानक तेज़ सक्रियता के पीछे सिर्फ सुरक्षा चिंता है या कोई बड़ा भू-राजनीतिक reshuffle होने वाला है, जिसकी आहट अभी दुनिया को ठीक से सुनाई नहीं दे रही।
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