Last Updated Feb - 27 - 2026, 02:45 PM | Source : Fela News
इलाहाबाद हाईकोर्ट में आज स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई है, जिससे यह तय होगा कि उन्हें राहत मिलेगी या गिरफ्तारी की कार्रवाई आगे बढ़ेगी.
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े POCSO (बच्चों के यौन अपराध से सुरक्षा) मामले में आज इलाहाबाद हाईकोर्ट में अहम सुनवाई होने जा रही है। अदालत ने कोर्ट नंबर-72 में इस केस को सीरियल नंबर-142 पर सूचीबद्ध किया है, जहाँ अग्रिम जमानत याचिका पर फैसला सुनाया जाएगा। इस फैसले से स्पष्ट होगा कि उन्हें फिलहाल गिरफ्तारी से राहत मिलेगी या गिरफ्तारी की कार्रवाई आगे बढ़ेगी.
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के खिलाफ प्रयागराज के झूंसी थाना में POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ है। यह मामला तब सामने आया जब शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया कि दो नाबालिगों के साथ यौन शोषण और अन्य गंभीर कृत्य किए गए थे। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने FIR दर्ज की थी और अब जांच जारी है.
इस सुनवाई को लेकर अदालत की बेंच जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा के समक्ष यह याचिका आज सुनी जाएगी। अग्रिम जमानत के लिए दायर याचिका का उद्देश्य गिरफ्तारी से पहले ही न्यायिक सुरक्षा हासिल करना है, ताकि पुलिस द्वारा सीधे गिरफ्तारी न की जा सके. फैसला आज के बाद स्पष्ट दिशा देगा कि कोर्ट आरोपी पक्ष को राहत प्रदान करती है या गिरफ्तारी की प्रक्रिया आगे बढ़ती है.
आरोपों में यह बताया गया है कि कथित घटनाएँ केवल एक-दो जगह तक सीमित नहीं थीं, बल्कि कुछ अन्य व्यक्तियों और धार्मिक परिसरों में भी हुई थीं, जिससे मामला और जटिल माना जा रहा है. शिकायतकर्ता ने मीडिया में यह भी कहा कि आरोप केवल मुख्य आरोपी तक सीमित नहीं हैं और वरिष्ठ आश्रम अधिकारियों तथा अन्य व्यक्तियों के बारे में भी गंभीर दावें किए हैं.
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोपों को निराधार और उनके खिलाफ साजिश करार देते हुए कहा है कि ये कथन उन्हें बदनाम करने के उद्देश्य से फैलाए गए हैं। उन्होंने जांच में पूरा सहयोग देने की बात कही है और अपनी बेगुनाही का दावा भी किया है.
इस मामले के कई पक्ष सार्वजनिक चर्चा में आ चुके हैं और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अदालत का आज का निर्णय सामाजिक और कानूनी दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. सुनवाई के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि क्या अविमुक्तेश्वरानंद को गिरफ्तारी से पहले राहत मिलती है या उन्हें पुलिस गिरफ्त में लिया जाएगा.
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