Header Image

दमोह, मध्य प्रदेश: फर्जी ब्रिटिश डॉक्टर बनकर दिल के ऑपरेशन करने वाला गिरफ्तार, 7 मरीजों की मौत से मचा हड़कंप

दमोह, मध्य प्रदेश: फर्जी ब्रिटिश डॉक्टर बनकर दिल के ऑपरेशन करने वाला गिरफ्तार, 7 मरीजों की मौत से मचा हड़कंप

Last Updated Apr - 07 - 2025, 03:51 PM | Source : Fela News

दमोह, मध्य प्रदेश में खुद को ब्रिटिश डॉक्टर बताकर दिल के ऑपरेशन करने वाला फर्जी सर्जन गिरफ्तार। 7 मरीजों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप और जांच शु
दमोह, मध्य प्रदेश: फर्जी ब्रिटिश डॉक्टर बनकर दिल के ऑपरेशन करने वाला गिरफ्तार,
दमोह, मध्य प्रदेश: फर्जी ब्रिटिश डॉक्टर बनकर दिल के ऑपरेशन करने वाला गिरफ्तार,

दमोह, मध्य प्रदेश से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया है। एक व्यक्ति ने खुद को ब्रिटिश हृदय रोग विशेषज्ञ "डॉ. एन जॉन केम" (Dr. N John Kem) बताकर दमोह के एक निजी ईसाई मिशनरी अस्पताल में नौकरी हासिल की और कई जटिल हार्ट सर्जरी की। हैरान करने वाली बात यह है कि इन सर्जरी के दौरान अब तक 7 मरीजों की मौत हो चुकी है।

नकली डिग्रियों से हासिल की नौकरी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी ने फर्जी दस्तावेज़ और झूठे प्रमाण पत्रों के जरिए खुद को योग्य हृदय रोग विशेषज्ञ बताया और अस्पताल प्रशासन को धोखा देकर नौकरी हासिल कर ली। उसने बिना किसी मेडिकल डिग्री और ट्रेनिंग के गंभीर हार्ट सर्जरी की, जिससे कई निर्दोष मरीजों की जान चली गई।

मौतों के बाद खुली पोल
शुरुआत में मरीजों की मौत को सामान्य माना जा रहा था, लेकिन मौतों की संख्या बढ़ने और परिस्थितियां संदिग्ध लगने पर अस्पताल के कुछ कर्मचारियों और मृतकों के परिजनों ने सवाल उठाने शुरू किए। प्रारंभिक जांच में पता चला कि जिस डॉक्टर ने ये ऑपरेशन किए थे, उसका कोई वैध मेडिकल रिकॉर्ड या प्रमाण नहीं है।

पुलिस की जांच शुरू, आरोपी गिरफ्तार
स्थानीय पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ धोखाधड़ी, हत्या और फर्जीवाड़े की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि अस्पताल प्रशासन ने बिना पृष्ठभूमि जांच के कैसे उसे नियुक्त कर लिया।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल
यह घटना न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि निजी अस्पतालों में भर्ती प्रक्रिया और डॉक्टरों की सत्यता की जांच को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी निजी अस्पतालों को डॉक्टरों और स्टाफ की पृष्ठभूमि की गहन जांच करने के निर्देश दिए हैं।

पीड़ित परिवारों की मांग - मिले न्याय
इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद मृतकों के परिजनों में आक्रोश है। वे दोषियों को सख्त सजा और अस्पताल प्रशासन पर भी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। राज्य सरकार ने आश्वासन दिया है कि इस मामले में किसी को बख्शा नहीं जाएगा और पूरी पारदर्शिता के साथ जांच की जाएगी।

दमोह की यह घटना मेडिकल सिस्टम की एक भयावह खामी को उजागर करती है। यह केवल एक अस्पताल या एक आरोपी की बात नहीं है, बल्कि पूरे स्वास्थ्य तंत्र को झकझोर कर रख देने वाली चेतावनी है — समय रहते चेतना जरूरी है, वरना अंजाम और भी भयावह हो सकते हैं।
 

Share :

Trending this week

CJP चीफ का बयान वायरल

Jun - 12 - 2026

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट के राज्यसभा सांसद स... Read More

TMC के 19 सांसदों ने स्पीकर को लिखी चिट्ठी

Jun - 12 - 2026

ममता बनर्जी के खिलाफ बगावत की चर्चाओं के बीच सामने आई 19 ट... Read More

'370 रुपये बिरयानी' विवाद बढ़ा

Jun - 12 - 2026

370 Rupees Biryani Controversy:गुरुग्राम के चर्चित ‘370 रुपये बिरयानी’ वि... Read More