Last Updated Jan - 07 - 2026, 12:41 PM | Source : Fela News
दिल्ली के तुर्कमान गेट पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान पथराव और हंगामा हुआ। पुलिस ने FIR दर्ज कर 10 आरोपियों को हिरासत में लिया।
पुरानी दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही दरगाह के पास अतिक्रमण हटाने के दौरान भड़की हिंसा के मामले में पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। 6-7 जनवरी की देर रात हुई इस घटना में पुलिस पर पथराव किया गया, जिसमें पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। मामले की जांच में पुलिस बॉडी कैम फुटेज अहम साक्ष्य बने हैं, जिनकी मदद से 10 आरोपियों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया गया है।
पुलिस के मुताबिक, फैज-ए-इलाही दरगाह के आसपास लंबे समय से अतिक्रमण हटाने की चर्चा चल रही थी । Delhi High Court के आदेश के बाद Municipal Corporation of Delhi (MCD) ने 6-7 जनवरी की रात बुलडोजर कार्रवाई शुरू की। एहतियात के तौर पर पहले से ही इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था और रूट डायवर्जन लागू किया गया था।
हालांकि, रात करीब 2 बजे अचानक बड़ी संख्या में लोग मौके पर इकट्ठा हो गए और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। देखते ही देखते भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। इस हमले में पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। हालात बेकाबू होते देख पुलिस को आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा।
सूत्रों के अनुसार, भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने करीब पांच दर्जन आंसू गैस के गोले दागे। उपद्रवियों की संख्या काफी अधिक बताई जा रही है, जिससे पुलिस को हालात संभालने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। कई घंटे चले ऑपरेशन के बाद देर रात स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सका। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना के बाद इलाके में शांति व्यवस्था बहाल कर दी गई है और फिलहाल हालात सामान्य हैं।
हिंसा से जुड़े वीडियो, CCTV फुटेज और पुलिस बॉडी कैम रिकॉर्डिंग की जांच की जा रही है। इन्हीं फुटेज के आधार पर 10 लोगों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया गया है। अन्य संदिग्धों की पहचान की प्रक्रिया भी जारी है।
पुलिस का कहना है कि हिंसा और सरकारी काम में बाधा डालने से संबंधित धाराओं में FIR दर्ज की गई है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि अतिक्रमण हटाने जैसे संवेदनशील मामलों में कानून-व्यवस्था बनाए रखना कितना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। पुलिस और प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।