Last Updated Aug - 30 - 2025, 02:50 PM | Source : Fela News
रावी नदी में आई अचानक बाढ़ ने हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा और चंबा जिलों में भारी तबाही मचाई। कई गांव कट गए हैं, स्कूल-पंचायत भवन बह गए और भूस्खलन में चार लोगों की
हिमाचल प्रदेश में रावी नदी में आई बाढ़ ने कांगड़ा और चंबा जिलों में व्यापक तबाही मचाई है। कई स्कूल, पंचायत घर, पुल और अन्य सरकारी इमारतें पानी में बह गईं, जिससे गांव पूरी तरह कट गए हैं। वहीं, अलग-अलग भूस्खलनों में चार लोगों की मौत और दो लोग घायल हुए हैं।
कांगड़ा के दुर्गम गांव बड़ा भंगाल में पंचायत घर, प्राथमिक और उच्च विद्यालय, नागरिक आपूर्ति का गोदाम, आयुर्वेदिक औषधालय और दो पुल बाढ़ में बह गए। इन इमारतों में रखा राशन और दवाइयां भी नष्ट हो गईं। सरपंच मानसा राम भंगालिया ने उपायुक्त कांगड़ा को पत्र लिखकर गांव को "गंभीर खतरे" में बताया है और तात्कालिक राहत उपायों की मांग की है। उन्होंने कहा कि गांव में 300 से अधिक निवासी फंसे हैं, जबकि 150 से ज्यादा चरवाहे और सैकड़ों भेड़-बकरियां ऊंचे चारागाहों में फंसी हुई हैं। नदी ने पांच किलोमीटर तक जमीन को काट दिया है और अपना रुख बदल लिया है, जिससे कई घर गिरने के कगार पर हैं।
चंबा जिले के हलून गांव में नदी का जलस्तर बढ़ने से गांव का बड़ा हिस्सा डूब गया। कम से कम नौ घर बह गए और कई अन्य खतरे में हैं। हालांकि, सभी परिवारों को समय रहते निकाल लिया गया जिससे जनहानि नहीं हुई।
लेकिन जिले में भूस्खलन से चार लोगों की जान गई है। बसोधन पंचायत में भूस्खलन देखने निकले भाई-बहन मलबे में दबकर मारे गए, जबकि भीमला पंचायत में घरों के पास काम कर रही चार महिलाओं पर पत्थर गिरे। इनमें से दो महिलाओं की मौत हो गई और दो गंभीर रूप से घायल हैं।