Last Updated May - 30 - 2025, 11:43 AM | Source : Fela News
सांसद रामचंद्र जांगड़ा के 'वीरांगना का भाव नहीं था' बयान पर महिलाओं में आक्रोश। विपक्ष ने इसे असंवेदनशील बताते हुए माफी और कार्रवाई की मांग की
बीजेपी सांसद रामचंदर जांगड़ा के हालिया बयान ने एक बार फिर समाज में महिलाओं को लेकर गहरे बैठे पूर्वाग्रह को उजागर कर दिया है। वरिष्ठ पत्रकार नीरजा चौधरी ने अपने लेख में कहा कि जांगड़ा का यह कहना कि “पुरुषों की मौत के लिए महिलाएं जिम्मेदार हैं,” न सिर्फ दुखद है, बल्कि यह 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले जैसे जघन्य कृत्य की गंभीरता को भी कम करता है।
पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद और निर्दोष तीर्थयात्रियों पर हुए हमले के पीछे की असली साजिश को दरकिनार कर, महिलाओं पर उंगली उठाना एक खतरनाक सोच को बढ़ावा देना है — जिसमें हर गलती की जिम्मेदार महिला को ठहराया जाता है।
बहुत-सी महिलाएं आज सवाल उठा रही हैं — "क्या आप जानते हैं, जांगड़ा जी, उस हमले में घायल महिलाओं ने कितनी हिम्मत दिखाई?"
वे महिलाएं जिन्होंने अपने पति, भाई या बेटे को अपनी आंखों के सामने गोली लगते और तड़प-तड़प कर मरते देखा। जिनके पास कुछ भी करने का कोई विकल्प नहीं था — सिवाय अपने आंसू छुपाकर, अपनों की लाशों के साथ जीने की हिम्मत जुटाने के।
ऐसे समय में जब पूरा देश आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता दिखा रहा है, उस वक्त एक सांसद का यह बयान न सिर्फ असंवेदनशील है, बल्कि उन बहादुर महिलाओं के घावों पर नमक छिड़कने जैसा है।
यह सिर्फ एक राजनीतिक बयान नहीं है — यह उन हजारों महिलाओं की भावनाओं का अपमान है जो आज भी आतंकवाद की पीड़ा झेल रही हैं।
देश को ऐसी सोच से नहीं, उनके साहस से आगे बढ़ना होगा।