Last Updated Nov - 19 - 2025, 01:52 PM | Source : Fela News
मोहन भागवत ने कहा कि हिंदू कोई सिर्फ धार्मिक शब्द नहीं है, बल्कि हजारों साल पुरानी संस्कृति और परंपरा से जुड़ी सभ्यतागत पहचान है।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि अगर भारत में रहने वाले मुसलमान और ईसाई अपनी पूजा-पद्धति के साथ देश की संस्कृति, भक्ति और पूर्वजों को सम्मान देते हैं, तो वे भी हिंदू माने जा सकते हैं।
असम के दौरे पर पहुंचे भागवत ने कहा कि शिवाजी, राणा प्रताप, बुद्ध और महावीर जैसे महान लोगों को पूरा भारत सम्मान देता है क्योंकि वे देश की साझा विरासत का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि मातृभूमि से प्रेम, पूर्वजों का सम्मान और भारतीय संस्कृति से जुड़े लोग सभी हिंदू कहलाते हैं।
भागवत ने कहा कि ‘हिंदू’ शब्द सिर्फ धर्म नहीं बल्कि हजारों साल पुरानी संस्कृति और सभ्यता की पहचान है। उनका कहना था कि भारत और हिंदू एक-दूसरे के पर्याय हैं, इसे आधिकारिक रूप से घोषित करने की जरूरत नहीं है।
उन्होंने कहा कि हिंदू संस्कृति सिर्फ पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सबको शामिल करने वाली विचारधारा है। मुसलमान और ईसाई भी अपनी पूजा-पद्धति बदले बिना भारतीय संस्कृति को मानें तो वे भी हिंदू कहलाते हैं।
भागवत ने कहा कि आरएसएस की स्थापना किसी का विरोध करने के लिए नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और भारत को मजबूत बनाने के लिए की गई थी। उन्होंने अवैध घुसपैठ, जनसंख्या नीति, धर्मांतरण और सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग जैसे मुद्दों पर भी बात की।
उन्होंने पूर्वोत्तर को भारत की ‘विविधता में एकता’ का उदाहरण बताया और कहा कि लचित बोरफुकन और शंकरदेव जैसी हस्तियां पूरे देश के लिए प्रेरणा हैं। भागवत ने समाज से राष्ट्र निर्माण में एकजुट होकर काम करने की अपील की।
Jun - 12 - 2026
370 Rupees Biryani Controversy:गुरुग्राम के चर्चित ‘370 रुपये बिरयानी’ वि... Read More