Last Updated Feb - 07 - 2026, 02:37 PM | Source : Fela News
जालंधर में AAP नेता लकी ओबेरॉय की हत्या कोई अचानक वारदात नहीं थी। 44 दिन पहले दी गई धमकी, कॉलेज राजनीति, गैंग रंजिश और विदेश कनेक्शन ने इस मर्डर को अंजाम तक पहु
पंजाब के Jalandhar में हुए AAP नेता Lucky Oberoi हत्याकांड की परतें अब धीरे-धीरे खुलने लगी हैं। मॉडल टाउन स्थित गुरुद्वारा साहिब के बाहर दिनदहाड़े हुई यह वारदात जितनी सनसनीखेज थी, उतनी ही गहरी इसकी साजिश भी बताई जा रही है। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह हत्या अचानक नहीं, बल्कि करीब 44 दिनों तक चली प्लानिंग का नतीजा थी।
थाना 6 मॉडल टाउन में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, पुलिस ने लकी ओबेरॉय के पूर्व करीबी दोस्त जोगराज सिंह उर्फ जोगा फोलड़ीवाल, दलबीरा और दो अज्ञात हमलावरों के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का दावा है कि हत्या की स्क्रिप्ट पहले ही लिखी जा चुकी थी और सही मौके का इंतजार किया जा रहा था ।
जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह है कि जोगा और लकी कभी जिगरी दोस्त हुआ करते थे। सोशल मीडिया से लेकर निजी जिंदगी तक दोनों की नजदीकियां किसी से छिपी नहीं थीं। लेकिन खालसा कॉलेज जालंधर की प्रधानगी के चुनाव ने इस दोस्ती को दुश्मनी में बदल दिया। बताया जा रहा है कि लकी ने जोगा को नजरअंदाज कर अपनी पसंद के युवक को प्रधान बना दिया, जिसे जोगा ने अपमान के तौर पर लिया।
यहीं से टकराव ने खतरनाक मोड़ ले लिया। 25 दिसंबर 2025 को जोगा ने सोशल मीडिया पर एक धमकी भरी पोस्ट डाली थी, जिसे पुलिस अब इस हत्याकांड की पहली कड़ी मान रही है। ठीक 44 दिन बाद, वही धमकी हकीकत में बदल गई जब गुरुद्वारे के बाहर लकी ओबेरॉय पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी गईं।
पुलिस को शक है कि इस साजिश की डोर भारत से बाहर तक जुड़ी हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक, जोगा अवैध तरीके से अमेरिका चला गया था और वहीं से उसने गैंग बदलकर कुख्यात अपराधी सोनू खत्री के साथ गठजोड़ किया। आशंका जताई जा रही है कि हत्या की पूरी प्लानिंग विदेश से ही ऑपरेट की गई।
इस केस में एक और एंगल पुलिस की चिंता बढ़ा रहा है-लकी का एक पूर्व नौकर, जो वारदात के बाद से लापता है। पुलिस के अनुसार,
नौकर का मोबाइल बंद है और सीसीटीवी फुटेज में उसकी संदिग्ध गतिविधियां दिखी हैं। जांच में पता चला है कि नौकर ने लकी के पैसे लेकर 'चिट्टा' खरीदा था, जिस पर लकी ने उसे पीटा और नौकरी से निकालने की चेतावनी दी थी। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि कहीं उसी नौकर ने हमलावरों को लकी की हर मूवमेंट की जानकारी तो नहीं दी। पंजाब के डीजीपी Gaurav Yadav ने जालंधर दौरे के दौरान कहा कि पुलिस को इस हत्याकांड में अहम सुराग मिले हैं। कई ठिकानों पर छापेमारी चल रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
फिलहाल, लकी ओबेरॉय की हत्या ने जालंधर की राजनीति और अपराध की दुनिया में खलबली मचा दी है। यह केस सिर्फ एक राजनीतिक हत्या नहीं, बल्कि दोस्ती, सत्ता, नशे और गैंगवार के खतरनाक मेल की कहानी बनकर सामने आ रहा है।
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