Last Updated Feb - 07 - 2026, 02:26 PM | Source : Fela News
रेलवे स्टेशन पर ट्रेन धोने के लिए इस्तेमाल होने वाले पानी से चाय के बर्तन धोने का वीडियो वायरल हो गया है। इसने साफ-सफाई, रिसाइकल वाटर और यात्रियों की सेहत को ले
रेलवे स्टेशनों पर साफ-सफाई और खाने-पीने की चीजों की गुणवत्ता को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं, लेकिन हाल ही में सामने आया एक वीडियो लोगों को हैरान और नाराज दोनों कर रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में एक शख्स रेलवे स्टेशन पर ट्रेन धोने के लिए लगी डायरेक्ट वॉटर सप्लाई से चाय के बर्तन धोता हुआ नजर आता है। वीडियो सामने आने के बाद यह बहस तेज हो गई है कि आखिर यह पानी कितना सुरक्षित है और क्या इससे धोए गए बर्तनों में चाय पीना सही है?
यह वीडियो Yeshwantpur Railway Station का बताया जा रहा है, जहां एक यात्री ने इस नजारे को कैमरे में कैद किया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि रेलवे ट्रैक के पास लगी पाइप से पानी बह रहा है और उसी पानी से एक व्यक्ति चाय के गिलास और बर्तन धो रहा है, जिनका इस्तेमाल बाद में यात्रियों को चाय परोसने के लिए किया जाना है। पहली नजर में कई लोग यह सोच सकते हैं कि “पानी तो पानी ही होता है, इसमें क्या दिक्कत है?” लेकिन हकीकत इससे काफी अलग है। रेलवे स्टेशनों पर ट्रेन धोने के लिए जो पानी इस्तेमाल किया जाता है, वह हमेशा ताजा ग्राउंड वॉटर नहीं होता। जल संरक्षण के उद्देश्य से रेलवे कई जगहों पर रिसाइकल वाटर का उपयोग करती है। रिसाइकल वाटर का मतलब है— पहले इस्तेमाल किए गए पानी को कुछ हद तक साफ कर दोबारा इस्तेमाल करना ।
यह पानी आमतौर पर कोच और इंजन धोने जैसे कार्यों के लिए तो ठीक हो सकता है, लेकिन इसे खाने-पीने के बर्तनों के संपर्क में लाना स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा माना जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तरह के पानी में बैक्टीरिया, केमिकल रेजिड्यू और अन्य हानिकारक तत्व मौजूद हो सकते हैं, जो सीधे तौर पर लोगों की सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
इस मामले में एक और चिंता की बात वह जगह है, जहां बैठकर बर्तन धोए जा रहे थे। वीडियो में साफ दिखता है कि यह इलाका रेलवे ट्रैक के पास है, जहां लोग अक्सर गुटखा थूकते हैं, कचरा फेंकते हैं और गंदगी फैलाते हैं। भले ही रेलवे समय-समय पर सफाई कराती हो, लेकिन पूरी तरह स्वच्छ वातावरण की गारंटी नहीं दी जा सकती। ऐसे में उसी जगह पर बर्तन धोना यात्रियों के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ माना जा रहा है।
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई यूजर्स ने रेलवे और फूड सेफ्टी विभाग से सख्त कार्रवाई की मांग की है। कुछ लोगों का कहना है कि स्टेशन पर बिकने वाली चाय और खाने-पीने की चीजों की नियमित जांच होनी चाहिए, ताकि यात्रियों को सुरक्षित भोजन मिल सके।
रेलवे नियमों के अनुसार, खाने-पीने के सामान की तैयारी और बर्तन धोने के लिए केवल साफ और पीने योग्य पानी का इस्तेमाल किया जाना चाहिए । अगर वायरल वीडियो में दिखाया गया दृश्य सही पाया जाता है, तो यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मामला भी बनता है।
कुल मिलाकर, इस वीडियो ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सेहत को लेकर कितनी गंभीरता बरती जा रही है। जब तक साफ पानी, स्वच्छ जगह और कड़ी निगरानी सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक ऐसी घटनाएं लोगों के भरोसे को कमजोर करती रहेंगी।
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