Last Updated Apr - 01 - 2025, 11:16 AM | Source : Fela News
वोडाफोन आइडिया में सरकार की हिस्सेदारी बढ़कर 49% हो गई है, जिससे टेलीकॉम क्षेत्र में बड़ा बदलाव आया है।
भारतीय टेलीकॉम क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव के तहत, वोडाफोन आइडिया लिमिटेड (Vi) ने घोषणा की है कि वह ₹36,950 करोड़ मूल्य के नए इक्विटी शेयर जारी करेगी, जिससे सरकार की हिस्सेदारी कंपनी में बढ़कर लगभग 48.99% हो जाएगी।
सरकार की हिस्सेदारी में वृद्धि: इस नए इक्विटी जारी करने के बाद, सरकार की हिस्सेदारी वर्तमान 22.6% से बढ़कर लगभग 48.99% हो जाएगी। हालांकि, कंपनी के संचालन का नियंत्रण अभी भी प्रमोटरों—यूके की वोडाफोन पीएलसी और आदित्य बिड़ला समूह—के पास रहेगा।
ऋण को इक्विटी में बदलने की प्रक्रिया: यह निर्णय उस समय आया है जब वोडाफोन आइडिया के सीईओ अक्षय मूंदड़ा ने दूरसंचार विभाग से ₹36,950 करोड़ के इक्विटी रूपांतरण की मंजूरी में तेजी लाने का अनुरोध किया था। यह रूपांतरण नेट प्रेजेंट वैल्यू (NPV) संरक्षित आधार पर किया जाएगा, जिससे सरकार की हिस्सेदारी 49% तक पहुंच जाएगी।
वित्तीय स्थिति और भविष्य की योजनाएं: वोडाफोन आइडिया पर वर्तमान में 2.16 लाख करोड़ रुपये का भारी कर्ज है, जिसमें स्थगित स्पेक्ट्रम भुगतान दायित्व भी शामिल हैं। कंपनी ने हाल ही में नोकिया, एरिक्सन और सैमसंग के साथ तीन साल की अवधि में $3.6 बिलियन का नेटवर्क उपकरण आपूर्ति समझौता किया है, जो उसके $6.6 बिलियन के पूंजीगत व्यय योजना का पहला चरण है।
सरकार की हिस्सेदारी में इस वृद्धि से वोडाफोन आइडिया को वित्तीय स्थिरता प्राप्त करने में मदद मिलेगी, जिससे कंपनी अपने नेटवर्क विस्तार और 5G सेवाओं की शुरुआत जैसी योजनाओं को आगे बढ़ा सकेगी। यह कदम भारतीय टेलीकॉम क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।