Last Updated Oct - 07 - 2025, 07:01 PM | Source : Fela News
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले महागठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर नया फॉर्मूला सामने आया है। कांग्रेस और कुछ सहयोगी दल इस फॉर्मूले से संतुष्ट नहीं दिख रहे हैं
बिहार चुनाव की तैयारियों के बीच महागठबंधन ने सीट बंटवारे का नया फॉर्मूला तय किया है। सूत्रों के मुताबिक आरजेडी और उसके प्रमुख तेजस्वी यादव को बड़ी हिस्सेदारी मिली है,वहीं कांग्रेस को अपेक्षाकृत कम सीटें दी गई हैं। इसके चलते पार्टी में असंतोष फैल गया है।विशेषज्ञों का कहना है कि इस फॉर्मूले में वीआईपी को भी लाभ हुआ है, जो पिछले चुनावों के अनुभव और गठबंधन में अपनी भूमिका के चलते ज्यादा सीटों का हकदारमानी जा रही है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि उनके प्रदर्शन के बावजूद उन्हें पर्याप्त सम्मान नहीं मिला।इस फॉर्मूले को लेकर पार्टी के अंदरूनी चर्चा तेज हो गई है। कांग्रेस और वामदल फिलहाल इस बात पर विचार कर रहे हैं कि आगे क्या रणनीति अपनाई जाए। अगरसहमति नहीं बनी, तो गठबंधन में दरार पड़ने की संभावना भी जताई जा रही है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सीट शेयरिंग का यह फॉर्मूला महागठबंधन की मजबूती और एनडीए के खिलाफ उनकी चुनौती को सीधे प्रभावित कर सकता है। अब सबकी नजर इसबात पर है कि कांग्रेस और अन्य सहयोगी दल इस फॉर्मूले को कब तक स्वीकार करते हैं और क्या अंतिम सूची में कोई बदलाव होता है।बिहार की राजनीति में महागठबंधन का यह नया समीकरण चुनाव के नतीजों पर बड़ा असर डाल सकता है, खासकर जब कांग्रेस और वीआईपी जैसे दलों की नाराजगी सामने आ रही है।