Last Updated Apr - 25 - 2026, 12:55 PM | Source : Fela News
UP Home Guard Exam: FIR UP होमगार्ड परीक्षा से पहले पेपर लीक का फर्जी खेल सामने आया. टेलीग्राम पर प्रश्नपत्र दिलाने के नाम पर अभ्यर्थियों से वसूली की जा रही थी, अब पुलिस ने केस दर्ज किया।
उत्तर प्रदेश में होमगार्ड भर्ती परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले पेपर लीक के नाम पर बड़ा ठगी रैकेट सामने आया है। परीक्षा देने जा रहे अभ्यर्थियों को टेलीग्राम चैनलों के जरिए फंसाया जा रहा था और असली प्रश्नपत्र देने का झांसा देकर उनसे पैसे मांगे जा रहे थे। मामले का खुलासा होते ही लखनऊ के हुसैनगंज थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
टेलीग्राम पर चल रहा था ‘पेपर दिलाने’ का खेल
यह शिकायत उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के इंस्पेक्टर राजेश कुमार उपाध्याय ने दर्ज कराई है। शिकायत के मुताबिक ‘EXAM PAPER WALLAH’ और ‘PAPER_MAFIAY’ नाम के टेलीग्राम चैनलों से छात्रों को मैसेज भेजे जा रहे थे। इन मैसेज में दावा किया जा रहा था कि होमगार्ड भर्ती परीक्षा का असली प्रश्नपत्र पहले से उनके पास मौजूद है।
अभ्यर्थियों को भरोसा दिलाने के लिए ठग QR कोड भेज रहे थे और पेपर देने के बदले ऑनलाइन भुगतान की मांग कर रहे थे। कई छात्रों को जल्दी पेपर पाने और परीक्षा में पास कराने का लालच दिया गया।
25 अप्रैल से शुरू हुई परीक्षा, उसी दिन सक्रिय हुए ठग
गौरतलब है कि यूपी होमगार्ड भर्ती परीक्षा 25, 26 और 27 अप्रैल 2026 को आयोजित की जा रही है। परीक्षा के पहले दिन ही सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स पर पेपर लीक की अफवाह फैलाकर अभ्यर्थियों में भ्रम पैदा किया गया।
पुलिस का कहना है कि यह पूरा दावा पूरी तरह फर्जी है और होमगार्ड परीक्षा का पेपर कहीं से भी लीक नहीं हुआ है। ठगों का मकसद सिर्फ परीक्षा के दबाव में बैठे छात्रों और उनके परिवारों से पैसे ऐंठना था।
पुलिस ने दर्ज किया केस, साइबर जांच शुरू
इंस्पेक्टर राजेश कुमार की तहरीर पर धोखाधड़ी, साइबर अपराध और परीक्षा में गड़बड़ी फैलाने से जुड़े प्रावधानों के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। अब पुलिस इन टेलीग्राम चैनलों को चलाने वालों की पहचान में जुट गई है।
साइबर सेल की टीम QR कोड के जरिए लिए गए पैसों और संबंधित मोबाइल नंबरों की जांच कर रही है।
अभ्यर्थियों के लिए बड़ी चेतावनी
पुलिस ने साफ कहा है कि किसी भी पेपर लीक, प्रश्नपत्र बेचने या परीक्षा पास कराने वाले मैसेज पर भरोसा न करें। ऐसे किसी भी लिंक, QR कोड या कॉल की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
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