Last Updated Apr - 25 - 2026, 11:42 AM | Source : Fela News
आम आदमी पार्टी के तीन सांसदों के BJP में शामिल होने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। AAP ने दल-बदल कानून के तहत अयोग्यता की कार्रवाई शुरू करने की तैयारी की है।
आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है, क्योंकि राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा समेत तीन प्रमुख नेताओं के बीजेपी में शामिल होने के बाद सियासी माहौल गर्म हो गया है। इस घटनाक्रम के बाद AAP और बीजेपी के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है और पार्टी अब कानूनी कार्रवाई के मूड में नजर आ रही है।
AAP के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने घोषणा की है कि पार्टी संविधान की 10वीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) के तहत इन तीनों सांसदों को राज्यसभा से अयोग्य घोषित कराने की प्रक्रिया शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में राज्यसभा के पीठासीन अधिकारी को औपचारिक पत्र सौंपा जाएगा।
संजय सिंह का कहना है कि राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक का बीजेपी में शामिल होना “स्वेच्छा से पार्टी छोड़ने” के दायरे में आता है, इसलिए उनके खिलाफ अयोग्यता की कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम पार्टी विरोधी गतिविधियों का हिस्सा है और इससे संगठन की एकजुटता पर असर पड़ा है।
इसी बीच पार्टी के भीतर असंतोष और गहरा गया है और AAP नेतृत्व लगातार बीजेपी पर “ऑपरेशन लोटस” के जरिए विधायकों को तोड़ने का आरोप लगा रहा है। वहीं बीजेपी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे AAP का अंदरूनी संकट बताया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि दल-बदल कानून के तहत निर्णय पूरी तरह पीठासीन अधिकारी के अधिकार क्षेत्र में होता है, जिससे ऐसे मामलों में कानूनी प्रक्रिया जटिल और लंबी हो जाती है।
वहीं बीजेपी में शामिल हुए इन नेताओं ने AAP पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी अपनी मूल विचारधारा से भटक गई है और अब जनहित की बजाय निजी लाभ के लिए काम कर रही है। दूसरी ओर AAP नेतृत्व ने इन नेताओं को “गद्दार” बताते हुए सियासी हमले तेज कर दिए हैं।
पूरे मामले ने संसद से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हलचल मचा दी है और आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने के संकेत दे रहा है।
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