Last Updated Sep - 18 - 2025, 05:03 PM | Source : Fela News
राहुल गांधी ने वोटर लिस्ट से नाम हटाने पर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अब सवाल उठ रहा है कि वोटर लिस्ट से नाम हटाने की असली प्रक्रिया क्या है और यह कैसे ह
राहुल गांधी ने हाल ही में कर्नाटक के आलंद विधानसभा क्षेत्र में वोटर डेटा से छेड़छाड़ और नाम हटाने को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वोटर लिस्ट में हैकिंग की गई है और बड़ी संख्या में लोगों के नाम डिलीट हुए हैं।
असल में, वोटर लिस्ट से किसी का नाम हटाने की प्रक्रिया चुनाव आयोग के नियमों के तहत होती है। अगर कोई व्यक्ति दूसरे इलाके में शिफ्ट हो जाए, निधन हो जाए या फिर डुप्लीकेट नाम पाया जाए, तो बीएलओ की रिपोर्ट और स्थानीय सत्यापन के बाद नाम हटाया जाता है। यह प्रक्रिया पूरी तरह प्रशासनिक है और इसके लिए पुख्ता सबूत जरूरी होते हैं।
राहुल गांधी का आरोप है कि इस बार तकनीकी तरीके से बड़ी गड़बड़ी की गई है। हालांकि चुनाव आयोग का कहना है कि हर संशोधन पारदर्शी तरीके से किया जाता है और किसी भी तरह की “हैकिंग” संभव नहीं है।
अब असली सवाल यह है कि क्या यह मामला केवल राजनीतिक बयानबाजी है या फिर जांच में कोई ठोस तथ्य सामने आते हैं। फिलहाल बहस जारी है और निगाहें आयोग की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।
Jun - 12 - 2026
370 Rupees Biryani Controversy:गुरुग्राम के चर्चित ‘370 रुपये बिरयानी’ वि... Read More