Last Updated Sep - 15 - 2025, 03:07 PM | Source : Fela News
ताजमहल और पिरामिड जैसी इमारतें बिना सीमेंट के बनीं। इसमें मजबूत पत्थर, चूना-पानी का मिश्रण, सटीक कटिंग और मजबूत नींव जैसी प्राचीन तकनीकों का इस्तेमाल किया गया थ
आज सीमेंट के बिना किसी इमारत की कल्पना करना मुश्किल है, लेकिन इतिहास गवाह है कि ताजमहल, मिस्र के पिरामिड और रोमन साम्राज्य की इमारतें बिना सीमेंट के बनीं और सदियों से खड़ी हैं। सवाल है कि आखिर यह कैसे संभव हुआ?
दरअसल, प्राचीन समय में निर्माण के लिए चूना, पत्थर और खास तरह के गारे का इस्तेमाल किया जाता था। भारत में ताजमहल जैसे भवन चूना-गारा और लाल बलुआ पत्थर से बने, जो समय के साथ और मजबूत होते चले गए। वहीं मिस्र के पिरामिड विशाल चूना-पत्थर और ग्रेनाइट के ब्लॉक्स को जोड़कर बनाए गए, जिनकी मजबूती आज भी चकित करती है।
रोमन सभ्यता में 'रोमन कंक्रीट' नाम की तकनीक थी, जिसमें ज्वालामुखीय राख और चूना मिलाकर ऐसा मिश्रण बनाया जाता था जो पानी और समय दोनों में टिकाऊ साबित हुआ।
यानी, प्राचीन कारीगरों ने स्थानीय संसाधनों और अनोखी तकनीकों से ऐसी इमारतें खड़ी कीं जो आधुनिक सीमेंट के बिना भी आज तक सुरक्षित हैं। यही उनकी सबसे बड़ी इंजीनियरिंग उपलब्धि मानी जाती है।