Last Updated May - 30 - 2025, 11:19 AM | Source : Fela News
भारत ने अमेरिका को स्पष्ट कर दिया कि व्यापार सीजफायर में टैरिफ को लेकर कोई समझौता नहीं हुआ है। ट्रंप प्रशासन के दावों को भारत ने सिरे से नकारा।
भारत ने गुरुवार को साफ़ किया कि पाकिस्तान के साथ संघर्ष विराम (ceasefire) को लेकर अमेरिका से हुई बातचीत में टैरिफ (आर्थिक शुल्क) का कोई ज़िक्र नहीं हुआ था। विदेश मंत्रालय ने यह बयान तब दिया जब डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने एक अमेरिकी अदालत में कहा कि टैरिफ की धमकी से ही अमेरिका भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध टाल सका।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा,
"भारत का इस मुद्दे पर रुख पहले से स्पष्ट है। 7 मई को ऑपरेशन 'सिंदूर' शुरू होने से लेकर 10 मई को संघर्ष विराम तक, भारत और अमेरिका के बीच सैन्य स्थिति पर चर्चा जरूर हुई, लेकिन टैरिफ को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई।"
दरअसल, 23 मई को ट्रंप प्रशासन ने कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड में कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता की और ट्रेड एक्सेस का ऑफर देकर युद्ध टालने में मदद की। अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक ने कोर्ट में कहा,
"अगर अदालत राष्ट्रपति की शक्तियों को सीमित करती है, तो भारत और पाकिस्तान ट्रंप के ऑफर को लेकर सवाल उठाएंगे, जिससे पूरे क्षेत्र की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
हालांकि, अमेरिकी अदालत ने ट्रंप प्रशासन की दलील को खारिज कर दिया और प्रस्तावित टैरिफ पर रोक लगा दी।
इस बीच, ट्रंप ने कई बार यह दावा किया है कि उन्होंने भारत-पाक के बीच मध्यस्थता की और ट्रेड धमकी देकर शांति कायम की। मगर भारत ने उनके दावों को एक बार फिर सिरे से खारिज कर दिया।
गौरतलब है कि 7 मई को हुए पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंक शिविरों और सैन्य ठिकानों पर हमला किया था। इसके बाद तीन दिनों तक दोनों देशों के बीच गोलीबारी हुई, जो 10 मई को बंद हुई।