Last Updated Aug - 27 - 2025, 01:52 PM | Source : Fela News
भारतीय वायुसेना अगले महीने मिग-21 लड़ाकू विमान को सेवा से रिटायर करने जा रही है। इसकी जगह स्वदेशी तेजस विमान शामिल होगा, जो आधुनिक तकनीक और अधिक क्षमता से लैस ह
करीब 60 साल तक देश की हवाई ताकत का अहम हिस्सा रहे मिग-21 फाइटर जेट अब भारतीय वायुसेना से रिटायर होने जा रहे हैं। 26 सितंबर को इन्हें आधिकारिक तौर पर चरणबद्ध तरीके से बाहर किया जाएगा और इनकी जगह स्वदेशी तेजस LCA मार्क 1A लेगा।
मिग-21 को 'IAF की रीढ़' कहा जाता था। इसकी सेवाओं को सम्मान देने के लिए वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने हाल ही में खुद इस विमान में उड़ान भरी। मिग-21 का आखिरी बड़ा कारनामा 2019 में देखा गया, जब विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान ने बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तानी एफ-16 को मार गिराया था। हालांकि उस दौरान उनका मिग-21 भी क्षतिग्रस्त हुआ और उन्हें दुश्मन क्षेत्र में इजेक्ट करना पड़ा।
मिग-21 ने 1971 के युद्ध में भी पाकिस्तानी एफ-104 को गिराया था और दशकों तक हर जनरेशन के विमानों का सामना किया। लेकिन इसकी एक काली छवि भी रही—1970 से अब तक 170 से अधिक भारतीय पायलट और 40 नागरिक इनसे जुड़े हादसों में जान गंवा चुके हैं। आधे से ज्यादा 840 विमान क्रैश में खोए, जिसके चलते इसे 'फ्लाइंग कॉफिन' भी कहा गया।
अब वायुसेना तेजस के साथ नए युग में कदम रख रही है, लेकिन मिग-21 की विरासत हमेशा याद की जाएगी।