Last Updated May - 21 - 2025, 02:44 PM | Source : Fela News
झारखंड में शराब घोटाले में आईएएस अधिकारी विनय चौबे की गिरफ्तारी, राज्य को 38 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप।
झारखंड में 2022 की नई शराब नीति से जुड़े एक बड़े घोटाले में वरिष्ठ IAS अधिकारी विनय कुमार चौबे को मंगलवार, 20 मई 2025 को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने गिरफ्तार किया। उन पर पद का दुरुपयोग कर राज्य सरकार को 38 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
विनय चौबे 1999 बैच के IAS अधिकारी हैं और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रधान सचिव के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। गिरफ्तारी के समय वे पंचायती राज विभाग के प्रमुख सचिव के पद पर थे। उनके साथ उत्पाद विभाग के संयुक्त आयुक्त गजेंद्र सिंह को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
ACB की जांच में सामने आया है कि 2022 की आबकारी नीति के तहत शराब एजेंसियों के चयन में अनियमितताएं हुईं, जिससे राज्य सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। इस घोटाले में छत्तीसगढ़ के शराब सिंडिकेट के साथ मिलीभगत का भी आरोप है।
इससे पहले, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अक्टूबर 2024 में रांची और रायपुर समेत 15 स्थानों पर छापेमारी की थी। इन छापों में IAS अधिकारी, सरकारी कर्मचारी और शराब कारोबारियों के ठिकानों को खंगाला गया था।
इस घोटाले ने झारखंड में प्रशासनिक पारदर्शिता और शासन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्षी दलों ने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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