Last Updated Jun - 28 - 2025, 11:21 AM | Source : Fela News
प्राडा के नए फैशन कलेक्शन में कोल्हापुरी चप्पलों की नकल का आरोप लगाते हुए भारतीय निर्माताओं ने विरोध जताया है और बॉम्बे हाईकोर्ट में PIL दाखिल करने की तैयारी की
इटली की मशहूर लग्ज़री फैशन ब्रांड प्राडा के हालिया मेन्स स्प्रिंग/समर 2026 कलेक्शन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। भारत के पारंपरिक कोल्हापुरी चप्पल निर्माताओं ने आरोप लगाया है कि प्राडा के नए सैंडल डिज़ाइन पारंपरिक कोल्हापुरी चप्पलों से अत्यधिक मिलते-जुलते हैं। कोल्हापुरी चप्पलों को भारत सरकार द्वारा भौगोलिक संकेत (GI) दर्जा प्राप्त है।
इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए भाजपा के राज्यसभा सांसद धनंजय महाडिक ने बताया कि प्राडा के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर करने की तैयारी चल रही है। उन्होंने कहा, “हमारे वकीलों की टीम इस पर काम कर रही है। यह हमारे कारीगरों के अधिकारों और उनकी आजीविका की रक्षा करने का सवाल है। मैं इस मामले में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से भी मिलूंगा।”
कोल्हापुर की पारंपरिक हस्तकला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बिना मान्यता दिए कॉपी किए जाने को लेकर स्थानीय निर्माताओं और कारीगरों में नाराज़गी है। उनका कहना है कि यह न केवल सांस्कृतिक विरासत के साथ अन्याय है, बल्कि स्थानीय उद्योग के आर्थिक हितों को भी नुकसान पहुंचा सकता है।
मामला अब कानूनी मोड़ ले चुका है और फैशन उद्योग में पारंपरिक डिज़ाइनों की नकल व बौद्धिक संपदा अधिकारों पर नई बहस छेड़ दी है।