Last Updated Aug - 27 - 2025, 12:47 PM | Source : Fela News
मलबे में फंसे लोगों को बचाने के लिए सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और प्रशासन की टीमें काम कर रही हैं।
जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। मंगलवार दोपहर रियासी जिले की त्रिकुटा पहाड़ियों पर माता वैष्णो देवी मंदिर जाने वाले मार्ग पर बड़ा हादसा हुआ। अर्धकुंवारी के पास इंद्रप्रस्थ भोजनालय के नजदीक भूस्खलन से 9 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 21 से ज्यादा लोग घायल हैं। कई लोग अब भी मलबे में दबे होने की आशंका है, इसलिए मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
राहत-बचाव जारी
सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन लगातार मलबे में दबे लोगों को निकालने में लगे हैं। कटरा और आसपास सेना की तीन टुकड़ियां तैनात हैं। एनडीआरएफ ने जम्मू और आसपास के इलाकों में फंसे लोगों को बचाने के लिए नौकाएं भी भेजी हैं।
यात्रा और यातायात पर असर
हिमकोटि मार्ग पर सुबह से ही यात्रा रोक दी गई थी और खराब मौसम के कारण दोपहर बाद पूरे मार्ग पर यात्रा स्थगित कर दी गई। भूस्खलन और बारिश से जम्मू-श्रीनगर और किश्तवाड़-डोडा हाईवे बंद हो गए हैं। कई ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं और संचार सेवाएं ठप हो गई हैं, जिससे राहत कार्य में मुश्किलें बढ़ गई हैं।
बारिश का कहर
मौसम विभाग के अनुसार, 24 घंटे में कठुआ में 155 मिमी, डोडा में 99.8 मिमी, जम्मू में 81.5 मिमी और कटरा में 68.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति है।
सीएम की बैठक और अलर्ट
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आपात बैठक कर सभी जिलों को हाई अलर्ट पर रहने का आदेश दिया है। प्रभावित परिवारों को राहत, भोजन और दवाएं पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। सभी स्कूल 27 अगस्त तक बंद रहेंगे और 10वीं-11वीं की परीक्षाएं टाल दी गई हैं।
घायलों का इलाज और रेस्क्यू जारी
घायल श्रद्धालुओं को कटरा के नारायण अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कटरा अस्पताल और आधार शिविर में बड़ी संख्या में लोग अपने परिजनों की जानकारी लेने पहुंचे। बचाव दल अब भी मलबे में दबे लोगों को निकालने में जुटा है।
पहले बादल फटा, अब भूस्खलन
किश्तवाड़ जिले में 14 अगस्त को बादल फटने से 65 लोगों की मौत हो चुकी है। अब वैष्णो देवी यात्रा में भूस्खलन ने नई त्रासदी ला दी है। जम्मू-कश्मीर इस वक्त लगातार प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहा है।