Last Updated Oct - 07 - 2025, 06:52 PM | Source : Fela News
सुप्रीम कोर्ट में एक सुनवाई के दौरान माइक म्यूट कर जजों के बीच हुई हल्की बातचीत ने कोर्ट रूम का माहौल हल्का कर दिया। इसी बीच CJI बी. आर. गवई की टिप्पणी ने सभी क
सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को एक दिलचस्प पल देखने को मिला, जब चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया बी. आर.गवई की बेंच एक केस की सुनवाई कर रही थी। सुनवाई के बीच जजों ने कुछ पल के लिए माइक म्यूट किया और आपस में चर्चा की। जैसे हीमाइक दोबारा ऑन हुआ, कोर्ट में मौजूद वकील मुस्कुराने लगे। इसी दौरान CJI गवई ने मुस्कराते हुए कहा, “आजकल तो क्लाइंट्स बहुत नाराज हो जाते हैं, इसलिए हमें थोड़ा संभलकर बोलना पड़ता है।” CJI की यह बात सुनकर कोर्ट में मौजूद सभी लोग हंस पड़े। मामला भले ही गंभीर सुनवाई का था, लेकिन उस एक पल ने कोर्टरूम का माहौल हल्का कर दिया।यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गई, जहां लोग इसे न्यायपालिका के भीतर के तनाव और जिम्मेदारी से जोड़कर देख रहे हैं।बताया जा रहा है कि सुनवाई के दौरान किसी वकील ने जजों की बातचीत को लेकर हल्का-फुल्का इशारा किया था, जिसके जवाब में यह टिप्पणी आई। दरअसल, हाल के समयमें अदालतों की हर कार्रवाई सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल होती है, और कई बार लोग बिना संदर्भ समझे अपनी राय देने लगते हैं। शायद इसी संदर्भ में CJIने यह बात कही कि “अब हर क्लाइंट अपने वकील के जरिए हर शब्द पर नज़र रखता है।”यह पहली बार नहीं है जब सुप्रीम कोर्ट के किसी जज ने अदालत के तनावपूर्ण माहौल में थोड़ा हास्य जोड़ा हो। कई बार जज हल्के लहजे में ऐसी टिप्पणियाँ करमाहौल को सहज बना देते हैं। इस घटना ने एक बार फिर यह याद दिलाया कि अदालतों के भीतर भी इंसानियत और सहजता बनी रहती है—जहां गम्भीर बहसों के बीच भी मुस्कान की गुंजाइश मौजूद है।