Last Updated Jul - 10 - 2025, 02:54 PM | Source : Fela News
बिहार में मतदाता सूची सत्यापन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज से कानूनी लड़ाई शुरू हो गई है। याचिकाओं के जरिए इस प्रक्रिया पर कई गंभीर सवाल उठाए गए हैं जिनका जवाब
बिहार में मतदाता सूची के सत्यापन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज से सुनवाई शुरू हो गई है। इस मुद्दे पर विपक्षी दलों की ओर से दायर याचिकाओं में कई अहम सवाल उठाए गए हैं जिन पर अदालत का रुख साफ होना बाकी है।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि वोटर वेरिफिकेशन की प्रक्रिया चुनाव से ठीक पहले कराई जा रही है जिससे निष्पक्ष चुनाव प्रभावित हो सकते हैं। पहला बड़ा सवाल यही है कि क्या इस प्रक्रिया से किसी समुदाय या वर्ग के वोट प्रभावित होंगे?
दूसरा सवाल यह है कि क्या इस प्रक्रिया में पारदर्शिता है और क्या सभी राजनीतिक दलों को बराबरी से इसमें शामिल किया गया है?
तीसरा अहम मुद्दा यह है कि जिन लोगों के नाम हटाए या जोड़े जा रहे हैं, क्या उन्हें पर्याप्त सूचना और समय दिया जा रहा है?
चौथा सवाल यह उठा है कि क्या यह प्रक्रिया चुनाव आयोग की तय गाइडलाइंस के अनुसार हो रही है?
पांचवां और सबसे गंभीर सवाल यह है कि क्या इस वेरिफिकेशन का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश हो रही है?
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से इन सवालों पर जवाब मांगा है और कहा है कि चुनावी पारदर्शिता हर हाल में बनी रहनी चाहिए। अब सभी की नजरें अदालत के अगले फैसले पर टिकी हैं।