Last Updated Jun - 26 - 2025, 03:07 PM | Source : Fela News
सैंज़ घाटी (हिमाचल) में बादल फटने की घटना से भारी तबाही हुई। अचानक बारिश से मलबा बहा, कई घर, पुल और सड़कें क्षतिग्रस्त; राज्य में ऑरेंज अलर्ट जारी।
24–25 जून 2025 की रात हिमाचल प्रदेश के कुल्लू ज़िले की सैंज घाटी में अचानक तेज़ बारिश हुई, जिसे बादल फटना या क्लाउडबर्स्ट कहते हैं। इस घटना से जीवा नाले का जलस्तर बहुत तेज़ी से बढ़ गया, कई गांवों और खराब मौसम की हालत में रहने वाले ग्रामीणों के लिए यह अचानक आपदा बनकर सामने आया ।
स्थानीय प्रशासन ने फौरन अलर्ट जारी कर पास के इलाकों में चेतावनी दे दी। कई सड़कें बाधित हो गईं और एक पावर प्रोजेक्ट का शेड पानी में बह गया। बचाव दल तुरंत सक्रिय हो गए और आसपास के इलाकों में निगरानी शुरू कर दी गई ।
अब तक सौभाग्य से किसी की जान नहीं गई। हालांकि जीवा नाले के किनारे रहने वाले कुछ लोग अस्थायी रूप से विस्थापित हुए हैं, और कुछ मकानों की नींव कमजोर हो गई है ।
स्थानीय लोगों ने बताया कि पानी काफी तेज़ बह रहा था और लोहबाज़ी में मलबा सड़क तक पहुंच गया। सामाजिक मंचों पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें बहता पानी और उसके साथ बहती झाड़ियों व मिट्टी साफ़ दिखाई दे रही है ।
इस घटना ने मौजूदा मौसमी परिवर्तनों की ओर ध्यान आकर्षित किया। मानसून के आक्रामक रूप और पहाड़ी क्षेत्रों की संवेदनशील संरचनाएं—जैसे सड़कें, पुल, और विद्युत सुविधाएँ—इन परिस्थितियों से अति प्रभावित हो रही हैं। IMD ने अगले 24 घंटों के लिए कांगड़ा, मंडी, शिमला, सिरमौर, चम्बा और कुल्लू जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है ।
कुल्लू प्रशासन ने घोषणा की है कि अब बादल फटने जैसी आपदाओं के लिए एक उन्नत प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली स्थापित की जाएगी, जिससे भविष्य में बेहतर तैयारी हो सके ।
यह घटना सिखाती है कि हिमाचल जैसे पहाड़ी इलाकों में बदलते मौसम का खतरा सिर्फ प्राकृतिक ही नहीं, समाज और संरचनाओं के लिए भी गंभीर है। राज्य और स्थानीय प्रशासन को तेज़ गति से तैयारी, सड़कों की मरम्मत और स्थानीय समुदायों को सतर्कता सुनिश्चित करनी होगी।