Last Updated Aug - 14 - 2025, 03:45 PM | Source : Fela News
महात्मा गांधी ने स्वास्थ्य कारणों से खाने में नमक लेना बंद कर दिया था। डॉक्टरों की चेतावनी के बाद उन्होंने नमक त्याग दिया और प्राकृतिक जीवनशैली अपनाई थी।
महात्मा गांधी अपने सादगीपूर्ण जीवन और सख्त अनुशासन के लिए जाने जाते थे। उन्होंने खाने में नमक लेना भी छोड़ दिया था। लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें इस आदत के खतरों के बारे में चेतावनी दी थी। शरीर के लिए नमक जरूरी है क्योंकि इसमें मौजूद सोडियम और अन्य मिनरल्स शरीर के कई अहम कार्यों को नियंत्रित करते हैं।
अगर लंबे समय तक नमक न लिया जाए तो शरीर में सोडियम की कमी हो सकती है, जिससे थकान, मांसपेशियों में ऐंठन, चक्कर आना, लो ब्लड प्रेशर और कमजोरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। नमक की कमी से नर्वस सिस्टम और दिल की कार्यप्रणाली पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है।
गांधीजी के मामले में भी डॉक्टरों ने उन्हें नमक न खाने के दुष्परिणामों के बारे में बताया था। इसके बाद उन्होंने चिकित्सकीय सलाह के अनुसार बदलाव किए। यह घटना इस बात का उदाहरण है कि किसी भी चीज की अत्यधिक कमी या ज्यादा मात्रा, दोनों ही सेहत के लिए हानिकारक हो सकती हैं।