Last Updated Aug - 02 - 2025, 10:26 AM | Source : Fela News
Mir Yar Baloch: बलूचिस्तान के मानवाधिकार कार्यकर्ता ने भारतीय कंपनियों को चिट्ठी लिखी, कहा- भारत के पास नया देश बनाने में मदद करने का मौका है।
1 अगस्त 2025 को बलूचिस्तान के प्रमुख मानवाधिकार कार्यकर्ता मीर यार बलोच ने भारत की सरकारी कंपनियों को एक पत्र लिखा। इस पत्र में उन्होंने भारत से अपील की कि वह बलूचिस्तान में छिपे खनिज संसाधनों को खोजने और वहां निवेश करने में मदद करे।
मीर यार बलोच ने लिखा कि भारत, जो आज एक मजबूत लोकतंत्र और तकनीकी महाशक्ति है, बलूचिस्तान का सबसे भरोसेमंद साझेदार बन सकता है। उन्होंने बताया कि बलूचिस्तान दक्षिण एशिया, मध्य पूर्व और मध्य एशिया के बीच स्थित है और इसकी अरब सागर से जुड़ी लंबी तटरेखा इसे एक अहम रणनीतिक स्थान बनाती है।
उन्होंने कहा कि बलूचिस्तान की जमीन के नीचे अरबों डॉलर के सोना, तांबा, तेल, कोयला, लिथियम और गैस जैसे खजाने छिपे हैं, लेकिन लंबे समय से शोषण और कब्जे की वजह से यह इलाका पिछड़ा हुआ है। एक आज़ाद बलूचिस्तान इन संसाधनों से आर्थिक विकास और साझेदारी का रास्ता बना सकता है।
बलोच नेता ने यह भी कहा कि भारत के पास बलूचिस्तान जैसे नए देश के निर्माण में मदद करने का ऐतिहासिक मौका है। उन्होंने दावा किया कि बलूचिस्तान में भारतीय कंपनियों और विशेषज्ञों के लिए ऑटोमोबाइल, रेलवे, रक्षा, अंतरिक्ष, और इलेक्ट्रिक वाहनों जैसे 30 बड़े क्षेत्रों में 10 लाख से ज्यादा नौकरियों की संभावना है।
आखिर में मीर यार बलोच ने लिखा कि बलूचिस्तान भारत को सिर्फ व्यापार नहीं, बल्कि रणनीतिक गहराई, ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्र में स्थिरता का भी फायदा दे सकता है।