Last Updated Mar - 18 - 2026, 11:12 AM | Source : Fela News
मोदी सरकार जल्द ही कई और सरकारी विभागों को सोशल मीडिया पर कंटेंट ब्लॉक करने की शक्ति दे सकती है। साथ ही, सरकार ने हाल ही में कंटेंट हटाने की समय सीमा 24–36 घंटे से घटाकर 2–3 घंटे कर दी है।
सरकार जल्द ही सोशल मीडिया पर कंटेंट ब्लॉक करने की ताकत कई और सरकारी विभागों को देने पर विचार कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, आईटी एक्ट में बदलाव को लेकर अलग-अलग मंत्रालयों के बीच चर्चा चल रही है। इस प्रस्ताव के तहत गृह, विदेश, रक्षा और सूचना-प्रसारण मंत्रालय को Instagram, Facebook और YouTube जैसी कंपनियों को सीधे कंटेंट हटाने का आदेश देने का अधिकार मिल सकता है। फिलहाल यह अधिकार सिर्फ आईटी मंत्रालय के पास है।
अभी किसी मंत्रालय को कंटेंट हटवाने के लिए पहले आईटी मंत्रालय को अनुरोध भेजना होता है, जहां एक कमेटी इसकी जांच के बाद सोशल मीडिया कंपनियों को निर्देश देती है। लेकिन बढ़ती शिकायतों और मामलों की संख्या के कारण इस प्रक्रिया में देरी हो रही है, जिसे कम करने के लिए यह बदलाव किया जा रहा है।
सूत्रों का कहना है कि इंटरनेट पर एआई से बने फर्जी और भ्रामक कंटेंट के तेजी से फैलने के चलते भी यह कदम जरूरी माना जा रहा है। ऐसी सामग्री पर जल्दी कार्रवाई के लिए सरकार सीधे अधिकार देने पर विचार कर रही है। आगे चलकर SEBI जैसे नियामक संस्थानों को भी कंटेंट हटाने का अधिकार मिल सकता है, क्योंकि वे सोशल मीडिया पर गलत वित्तीय जानकारी को लेकर चिंता जता चुके हैं।
मौजूदा समय में आईटी एक्ट की धारा 79 (3)(b) के तहत ‘सहयोग पोर्टल’ के जरिए कई एजेंसियां कंटेंट हटाने के निर्देश दे सकती हैं। अब सरकार धारा 69(A) को भी इसी तरह प्रभावी बनाने की तैयारी में है।
गौरतलब है कि हाल ही में सरकार ने सोशल मीडिया से कंटेंट हटाने की समय सीमा 24–36 घंटे से घटाकर 2–3 घंटे कर दी है। इसके बाद कुछ यूजर्स ने शिकायत की है कि कंपनियां दबाव में आकर सामान्य या आलोचनात्मक पोस्ट भी हटा रही हैं।
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