Last Updated Jun - 02 - 2026, 12:47 PM | Source : Fela News
सुप्रीम कोर्ट में इतिहास रचते हुए जस्टिस मोहना 12वीं महिला जज बनेंगी. हिजाब बैन और सैन्य महिला अधिकारियों जैसे चर्चित मामलों की पैरवी करने वाली मोहना बार से सीधे नियुक्त होने वाली दूसरी महिला हैं.
सुप्रीम कोर्ट को सोमवार, 1 जून 2026 को एक नई महिला जज मिलीं. वरिष्ठ अधिवक्ता जस्टिस मोहना (वेंकिता सुब्रमणि मोहना) को सीधे बार से सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है. वह सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में बार से सीधे नियुक्त होने वाली दूसरी महिला जज बन गई हैं. इससे पहले 2018 में जस्टिस इंदु मल्होत्रा ने यह उपलब्धि हासिल की थी. खास बात यह है कि पिछले पांच वर्षों में पहली बार सुप्रीम कोर्ट में किसी महिला जज की नियुक्ति हुई है.
जस्टिस मोहना की नियुक्ति के साथ सुप्रीम कोर्ट में महिला जजों की संख्या बढ़कर दो हो गई है. इससे पहले जस्टिस बी. वी. नागरत्ना लंबे समय से सुप्रीम कोर्ट की इकलौती महिला जज थीं. जस्टिस नागरत्ना वर्ष 2027 में देश की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश (CJI) बनने की कतार में भी हैं.
कौन हैं जस्टिस मोहना?
59 वर्षीय जस्टिस मोहना का कानूनी करियर तीन दशक से अधिक पुराना है. उन्होंने 1988 में कोयंबटूर लॉ कॉलेज से कानून की पढ़ाई पूरी की और तभी से वकालत के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वर्ष 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें वरिष्ठ अधिवक्ता (Senior Advocate) का दर्जा दिया था.
उन्होंने कई चर्चित और संवेदनशील मामलों में पक्ष रखा है. इनमें सैन्य महिला अधिकारियों की सेवा शर्तों से जुड़े मामले, वरिष्ठ नागरिकों के संपत्ति अधिकार और कर्नाटक हिजाब विवाद जैसे हाई-प्रोफाइल केस शामिल हैं. कानूनी क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव और महत्वपूर्ण योगदान को देखते हुए उन्हें सीधे सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है.
सुप्रीम कोर्ट की 12वीं महिला जज
जस्टिस मोहना सुप्रीम कोर्ट के इतिहास की 12वीं महिला जज हैं. वहीं बार से सीधे नियुक्त होने वाली वह दूसरी महिला हैं. सुप्रीम कोर्ट में पहली महिला जज बनने का गौरव 1989 में जस्टिस एम. फातिमा बीवी को मिला था.
जस्टिस मोहना जून 2031 तक सुप्रीम कोर्ट में अपनी सेवाएं देंगी. उनकी नियुक्ति को न्यायपालिका में महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
सुप्रीम कोर्ट में एक साथ पांच नए जज
जस्टिस मोहना के अलावा चार अन्य मुख्य न्यायाधीशों को भी सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत किया गया है. इनमें मुंबई हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश चंद्रशेखर, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश शील नागू, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अरुण पल्ली शामिल हैं.
हाल ही में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़ाकर 38 कर दी थी. इन नियुक्तियों के बाद शीर्ष अदालत में खाली पदों की संख्या भी काफी कम हो गई है. जस्टिस मोहना की नियुक्ति को न्यायपालिका में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और कानूनी क्षेत्र में उनकी मजबूत मौजूदगी के रूप में देखा जा रहा है.
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