Last Updated Jun - 27 - 2025, 12:02 PM | Source : Fela News
मुंबई में कैंसर से जूझ रही बुजुर्ग महिला को पोते ने कचरे में फेंका। अस्पतालों ने इलाज से इनकार किया, लेकिन पुलिस ने संवेदना दिखाकर महिला को सहारा दिया।
मुंबई के आरे कॉलोनी में शनिवार सुबह एक बेहद दर्दनाक और अमानवीय घटना सामने आई। 60 वर्षीय यशोदा गायकवाड़, जो उन्नत अवस्था के स्किन कैंसर से पीड़ित हैं, उन्हें उनके ही पोते ने कचरे के ढेर पर छोड़ दिया। यह घटना आरे कॉलोनी के यूनिट नंबर 32 के पास सुबह करीब 8:30 बजे सामने आई, जब किसी ने पुलिस कंट्रोल रूम को इसकी सूचना दी।
पुलिस जब मौके पर पहुंची तो यशोदा एक गुलाबी नाइटड्रेस और ग्रे पेटीकोट में बेहद कमजोर हालत में पड़ी थीं। उनके चेहरे पर कैंसर से जुड़ा गंभीर घाव साफ नजर आ रहा था, और नाक व गाल पर संक्रमण फैला हुआ था। महिला कांपती आवाज में पुलिस को बताती हैं, “मुझे मेरा पोता यहां छोड़ गया।”
हेड कांस्टेबल राठौड़ और महिला पुलिस कांस्टेबल निकिता कोलेकर ने तुरंत उन्हें जोगेश्वरी ट्रॉमा केयर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन वहां सुविधा न होने की बात कहकर भर्ती से मना कर दिया गया। इसके बाद कूपर अस्पताल ले जाया गया, जहां प्रारंभिक जांच के बाद उन्हें लौटा दिया गया। पुलिस के प्रयासों के बाद करीब आठ घंटे बाद शाम 5:30 बजे कूपर अस्पताल ने उन्हें भर्ती किया। सीनियर इंस्पेक्टर रविंद्र पाटिल ने खुद हस्तक्षेप कर यह सुनिश्चित किया।
डॉ. सुधीर मेधेकर, डीन कूपर अस्पताल ने बताया कि यशोदा को चेहरे और नाक पर अल्सरोप्रोलिफेरेटिव ग्रोथ है, और प्रारंभिक जांच में 'बेसल सेल कार्सिनोमा' की पुष्टि हुई है। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस ने यशोदा की तस्वीर सभी थानों में भेजी है और उन्होंने मलाड व कांदिवली के पते की जांच की, लेकिन अब तक कोई रिश्तेदार सामने नहीं आया है। घटनास्थल पर सीसीटीवी न होने के कारण जांच में मुश्किल हो रही है, हालांकि आसपास के इलाकों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
आरे पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक रविंद्र पाटिल ने जनता से अपील की है कि अगर कोई महिला को पहचानता हो तो तुरंत पुलिस से संपर्क करें।